जबलपुर: विवेक तन्खा की पहल पर मेडिकल कॉलेज पहुंचे ऑक्सीजन के टैंकर, समय पर पहुंचने से बच गई मरीजों की जान

जबलपुर में ऑक्सीजन की किल्लत की सूचना मिलने पर विवेक तन्खा ने राउरकेला की एक फैक्ट्री से ऑक्सीजन लाने के लिए फोन घुमा दिया, महज़ 16 घंटे के भीतर ही दो ऑक्सीजन के टैंकर राउरकेला से जबलपुर पहुंच गए

Publish: Apr 19, 2021, 09:32 AM IST

जबलपुर: विवेक तन्खा की पहल पर मेडिकल कॉलेज पहुंचे ऑक्सीजन के टैंकर, समय पर पहुंचने से बच गई मरीजों की जान
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जबलपुर। प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत की खबरों के बीच कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने एक सराहनीय कदम उठाया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने शहर में ऑक्सीजन की किल्लत की सूचना मिलते ही ओडिशा के राउरकेला स्थित फैक्ट्री से ऑक्सीजन की टैंकर जबलपुर लाने हेतु फोन घुमा दिया। तन्खा की पजल पर 34 टन ऑक्सीजन लिए कुल दो टैंकर राउरकेला से जबलपुर पहुंच भी गए। कहा जा रहा है कि ऑक्सीजन टैंकर के जबलपुर मेडिकल कॉलेज में पहुंचने से मरीजों की जान बच गई। क्योंकि टैंकर के अस्पताल तक टैंकर के पहुंचने से ठीक पहले तक अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। 

दरअसल जबलपुर में ऑक्सीजन की किल्लत से उत्पन्न होती विकराल स्थिति के बारे में कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट ने विवेक तन्खा को बताया। दिल्ली में मौजूद राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने फौरन अपने मित्र और उद्योगपति नवीन जिंदल से संपर्क साधा। नवीन जिंदल की सहायता से ऑक्सीजन के दो टैंकर राउरकेला से जबलपुर के लिए रवाना हो गए। 

राउरकेला से जबलपुर की दूरी करीब 20 घंटे में तय होती है। लेकिन जबलपुर में ऑक्सीजन की ज़रूरत को देखते हुए दोनों ही टैंकर महज़ 16 घंटे में जबलपुर पहुंच गए। जबलपुर पहुंचतेे ही एक टैंकर को तत्काल मेडिकल कॉलेज को मुहैया कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक अन्य टैंकर को कलेक्टर ऑफिस को दिया गया है। ताकि आपातकालीन स्थिति में ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जा सके। इसके साथ ही कांग्रेस नेता तरुण भनोट ने महामारी से लड़ाई में जबलपुर कलेक्टर को 5 लाख रुपए की राशि भी सौंपी है।