प्राइवेट पार्ट पर हमला, युवा प्रदर्शनकारियों ने बताई दिल्ली पुलिस की बर्बरता की कहानी

राहुल गांधी कुछ प्रदर्शनकारियों के साथ मीडिया से मुखातिब हुए, जिन्हें दिल्ली में मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित तौर पर पीटे जाने के कारण चोट आई है।

Updated: Oct 14, 2026, 03:57 PM IST

नई दिल्ली। SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बुधवार को राहुल गांधी के सामने दिल्ली पुलिस पर मारपीट और हिरासत में ज्यादती करने के आरोप लगाए। एक छात्रा ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के प्राइवेट पार्ट पर हमला किया।

बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल ने एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं के बयानों के आधार पर बताया कि पुलिस ने प्रदर्शन के समय हिरासत में लिए युवाओं को बुरी तरह से मारा पीटा है। उन्होंने तो यहां तक आरोप लगाया कि एनएसयूआई की एक महिला कार्यकर्ता की सुनने की शक्ति भी दिल्ली पुलिस की बर्बरता से चली गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI के छात्र, कार्यकर्ताओं और कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने साथ घटनाएं बताईं। एक छात्रा ने प्राइवेट पार्ट पर लात मारने का आरोप लगाया, जबकि दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा अदिरा ने दावा किया कि पुलिस की पिटाई से उसके एक कान से सुनने की क्षमता चली गई।एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस RSS और भाजपा से जुड़े लोगों के कहने पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी।

राहुल गांधी ने छात्रों से घटनाओं के वीडियो और दूसरे सबूत सुरक्षित रखने को कहा। राहुल गांधी ने कहा, 'ये हिंदुस्तान है, अमित शाह जी यहां कोई हिंदू-मुस्लिम नहीं है, इनकी कोई जात नहीं है। आप इस आवाज के सामने खड़े नहीं हो सकते। स्टूडेंट्स से कहना चाहता हूं। आप वीडियो बनाकर रखिए। उन सबूतों को हम रखेंगे।'

राहुल ने कहा कि जब सब खत्म होगा तो इन सबूतों के आधार पर सबको सजा मिलेगी। चाहे पुलिस वाले हों या ज्ञानेश कुमार हों। ये देश की आवाज हैं। इस आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है। बता दें कि कांग्रेस समेत विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक अक्टूबर से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।