ज्यादा वोट पाकर भी हार गए कांग्रेस नेता अजय माकन, कार्तिकेय शर्मा ने मारी बाजी, समझें वोटों का गुना गणित

रात 2 बजकर 24 मिनट पर हुई निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा की जीत की घोषणा, कांग्रेस विधायक ने ही की क्रॉस वोटिंग, हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद सियासी गुना गणित में आगे निकले कार्तिकेय शर्मा

Updated: Jun 11, 2022, 01:14 PM IST

ज्यादा वोट पाकर भी हार गए कांग्रेस नेता अजय माकन, कार्तिकेय शर्मा ने मारी बाजी, समझें वोटों का गुना गणित
Photo Courtesy: The Indian Express

चंडीगढ़। हरियाणा में शुक्रवार को दो राज्यसभा सीट के लिए किए गए मतदान के नतीजे देर रात करीब ढाई बजे सामने आए। इस दिलचस्प मुकाबले में कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय माकन की हार हुई। बीजेपी-जेजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा सियासी गुना गणित में आगे निकल गए। दिलचस्प बात ये है कि माकन को कार्तिकेय से ज्यादा वोट मिले थे, बावजूद वे चुनाव हार गए।

दरअसल, बीजेपी प्रत्याशी पंवार को प्रथम वरीयता से 36 वोट मिले थे। ऐसे में एक सीट पर उनकी जीत हुई। शेष एक सीट के लिए कार्तिकेय शर्मा को अजय माकन मैदान में थे। कार्तिकेय शर्मा को पहली वरीयता के महज 23 वोट ही मिले थे, जबकि माकन को 29 सदस्यों ने वोट किया था। यह भी तब जब कांग्रेस के ही कुलदीप विश्नोई ने कथित रूप से क्रॉस वोटिंग की, जबकि एक अन्य कांग्रेस विधायक ने जानबूझकर गलत मार्क कर दिया, इससे वह वोट अमान्य घोषित हो गया।

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उधर पंवार को वोट देने वाले सभी 36 सदस्यों ने दूसरे वरीयता का मत कार्तिकेय को दिया था। ऐसे में बीजेपी के 6.6 प्वाइंट उन्हें ट्रांसफर हो गए, जिससे उनकी संख्या 29.6 हो गई। दूसरी ओर माकन के खाते में दूसरी वरीयता के वोट नहीं था। ऐसे में वे 29 वोट मिले। नतीजतन कार्तिकेय शर्मा 0.6 प्वाइंट से चुनाव जीत गए।

समझें वोटों का गुना गणित

दरअसल, राज्यसभा में एक वोट को 100 प्वाइंट के बराबर माना जाता है। इस चुनाव में कुल 90 में से 89 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें भी एक वोट कैंसिल हो गया। यानी 88 वोट रह गए। इसके हिसाब से 8800 प्वाइंट हुए। 8800 का तीसरा हिस्सा 2934 अंक का बनता है, मतलब एक प्रत्याशी को जीत के लिए 2934 अंक चाहिए थे। बीजेपी के कृष्ण पंवार के पास 3600 अंक थे। यानी उनके पास 6.66 प्वाइंट एक्स्ट्रा बचे बचे जो कार्तिकेय शर्मा को ट्रांसफर किया गया। 8800 का तीसरा हिस्सा 2934 अंक का बनता है, मतलब एक प्रत्याशी को जीत के लिए 2934 अंक चाहिए थे। कृष्ण पंवार के 66 वोट बचे बचे जो कार्तिकेय शर्मा को ट्रांसफर हो गए। ऐसे में कार्तिकेय शर्मा के कुल 2966 प्वाइंट हुए। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन को 2900 वोट मिले और इससे वह हार गए।

कांग्रेस के एक विधायक का वोट अवैध घोषित कर दिया। हैरानी की बात ये है कि कांग्रेस विधायक और पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंट बीबी बत्रा ये देख नहीं पाए कि किसने गड़बड़ वोटिंग की है। इस जीत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि, 'कुलदीप बिश्नोई ने अपनी अंतरात्मा की आवाज से वोट दिया था। उन्होंने यह भी नहीं सोचा कि इसके बाद कांग्रेस पार्टी क्या एक्शन लेगी। इसका मतलब यह है कि कुलदीप ने पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों में आस्था जताई है। यदि वे पार्टी में आना चाहेंगे तो उनका स्वागत है।'