राजस्थान में मुंह की खाए सुभाष चंद्रा, उल्टा पड़ गया क्रॉस वोटिंग का दांव, तीसरे सीट पर भी कांग्रेस ने मारी बाजी

राजस्थान में राज्यसभा के लिए हुए दिलचस्प मुकाबले में Essel ग्रुप के सुभाष चंद्रा को बड़ा झटका लगा है, परिणाम आने से पहले ही दिल्ली के लिए निकले सुभाष चंद्रा, अन्य राज्यों से भी बीजेपी के लिए बुरी खबर

Updated: Jun 10, 2022, 06:05 PM IST

राजस्थान में मुंह की खाए सुभाष चंद्रा, उल्टा पड़ गया क्रॉस वोटिंग का दांव, तीसरे सीट पर भी कांग्रेस ने मारी बाजी
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जयपुर। राज्यसभा चुनाव में Essel ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा को बड़ा झटका लगा है। अशोक गहलोत के मैनेजमेंट के सामने बीजेपी समर्थित उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को मुंह की खानी पड़ी। खास बात ये है कि क्रॉस वोटिंग को अपना हथियार मानकर चल रहे चंद्रा का दांव तब उल्टा पड़ गया जब बीजेपी MLA शोभारानी कांग्रेस को वोट कर आईं।

दरअसल, राजस्थान पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थी। राजस्थान में उद्योगपति सुभाष चंद्रा ने बीजेपी के समर्थन से बतौर निर्दलीय ताल ठोकी थी। उधर कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़ रहे प्रमोद तिवारी के पास राजनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले अशोक गहलोत के दांव पेंच थे। चुनाव पूर्व गहलोत ने 126 विधायकों की बाड़ेबंदी कर ली थी। हॉर्स ट्रेडिंग से बचने के लिए इंटरनेट और कॉल भी ब्लॉक कर दिया गया था।

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गहलोत की रणनीतियों के बावजूद सुभाष चंद्रा का कॉन्फिडेंस देखकर कयास लगाए जा रहे थे कि वे क्रॉस वोटिंग में कामयाब हो जाएंगे। चूंकि न केवल वे मीडिया जगत के बड़े नाम हैं, बल्की केंद्र सरकार उन्हें खुला समर्थन दे रखा था। साथ ही उनके पास पुराने अनुभव भी थे। दरअसल, 2016 में हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव में ऐसा राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया था, जिसकी वजह से संख्या बल का आंकड़ा होने के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी की हार हुई और सुभाष चंद्रा चुनाव जीत गए थे। 

उस चुनाव में षड्यंत्र के तहत मतदान के दौरान पेन बदल दिया गया था। बैंगनी रंग के स्थान पर चुपके से किसी ने दूसरे रंग का पेन रख दिया था। पेन बदले जाने के कारण 16 कांग्रेसी विधायकों के वोट खारिज हो गए। ऐसे भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुभाष चंद्रा चुनाव जीत गए। स्याही बदलने के षड्यंत्र का यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा ,लेकिन 6 साल बाद भी इस प्रकरण का अंतिम नतीजा नहीं आ सका। इस बार चंद्रा क्रॉस वोटिंग के बूते मैदान में थे।

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लेकिन चंद्रा का एक भी दांव काम नहीं आया। उलटे धौलपुर से बीजेपी विधायक शोभारानी कुशवाह ने वोट डालने में गलती कर दी है। शोभारानी ने कांग्रेस के प्रमोद तिवारी को वोट दे दिया है। साथ ही बांसवाड़ा के गढ़ी से भाजपा विधायक कैलाश चंद मीणा से भी वोट डालने में गलती कर दी। हालांकि, उनके वोट बीजेपी के खाते में ही जोड़ा गया। भाजपा के प्रदेश् अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि इस बारे में पार्टी हाईकमान को सूचना दे दी गई है। हार के बाद सुभाष चंद्रा ने कहा कि हम भी क्रॉस वोटिंग करवाना चाह रहे थे, अब यही काम दूसरे ने कर दिया तो इसमें क्या शिकायत।

राजस्थान के मसले पर दिल्ली में बीजेपी हाईकमान ने पार्टी विधायकों की क्रॉस वोटिंग पर नाराजगी जताते हुए प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया से रिपोर्ट मांगी है। बीजेपी के लिए हरियाणा से भी बुरी खबर सामने आ रही है। यहां भी बीजेपी समर्थित कार्तिकेय शर्मा चुनाव हारने के करीब। आंकड़ों के हिसाब से कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन की जीत हुई है। लेकिन औपचारिक घोषणा बाकी है। इसी बीच अजय माकन ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि बीजेपी के लोग चुनाव परिणाम जारी नहीं होने दे रहे हैं।