दिल्ली पुलिस की FIR के बाद बोलीं ग्रेटा थनबर्ग, मैं अब भी किसानों के साथ हूं

विश्वविख्यात क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग द्वारा ट्विटर पर शेयर किए गए एक दस्तावेज के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

Updated: Feb 04, 2021, 11:23 PM IST

दिल्ली पुलिस की FIR के बाद बोलीं ग्रेटा थनबर्ग, मैं अब भी किसानों के साथ हूं
Photo Courtesy : IndiaToday

नई दिल्ली। पर्यावरण और सामाजिक कार्यों के लिए विश्वभर में मशहूर ग्रेटा थनबर्ग द्वारा ट्विटर पर शेयर किए गए एक डॉक्युमेंट के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर (FIR) में दिल्ली पुलिस ने ट्विटर पर शेयर किए गए उस डॉक्युमेंट के जरिए भारत सरकार के खिलाफ साज़िश किए जाने का आरोप लगाया है। पहले खबर आई थी कि एफआईआर में ग्रेटा का भी नाम है, लेकिन बाद में पुलिस ने साफ किया कि ऐसा नहीं है। 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक केस ग्रेटा के खिलाफ नहीं, बल्कि उस डॉक्युमेंट के लेखक के विरुद्ध दर्ज़ किया गया है, जिसे ग्रेटा ने ट्विटर पर शेयर किया था।  दिल्ली में एफआईआर होने के बाद ग्रेटा ने एक और ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अब भी भारत के किसानों के साथ खड़ी हैं।

ग्रेटा थनबर्ग ने ट्वीट किया, 'मैं अब भी किसानों के साथ खड़ी हूं और उनके शांतिपूर्वक विरोध का समर्थन करती हूं। चाहे जितनी नफरत फैलाई जाए, धमकियां दी जाएं या मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जाए, इससे मेरे रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा।' 

 

दरअसल, ग्रेटा थनबर्ग ने मंगलवार को ट्वीट करके कहा था कि हम भारत में किसानों के आंदोलन के प्रति एकजुट हैं। ग्रेटा ने इसके साथ ही सीएनएन की एक खबर भी साझा की थी, जिसका शीर्षक था, आंदोलनकारी किसानों और पुलिस में झड़प के बीच भारत में दिल्ली के आसपास इंटरनेट सेवाएं स्थगित। इसके अलावा उन्होंने एक अन्य ट्वीट में आंदोलन को लेकर एक कथित दस्तावेज भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने भारत में जारी आंदोलन की मदद करने की इच्छा रखने वालों को उसका तरीका बताया है।

थनबर्ग के इस ट्वीट को बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने भारत विरोधी साज़िश का सबूत बताया है। मीडिया का एक हिस्सा भी इसे भारत विरोधी प्रॉपेगैंडा का हिस्सा बता रहा है। इसके पहले अमेरिकी पॉप स्टार रिहाना ने भी भारतीय किसानों के समर्थन में ट्वीट किया था। इन ट्वीट्स के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा कि कुछ समूह अपने निहित स्वार्थ की पूर्ति के लिए अपना एजेंडा फैलाने में लगे हुए हैं। यह सब भारत के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने की साजिश है।

कौन हैं ग्रेटा थनबर्ग

ग्रेटा थनबर्ग पूरी दुनिया में जलवायु संकट के खिलाफ लड़ाई के लिए जानी जाती हैं। ग्रेटा काफी कम उम्र से धरती को बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं और दुनिया भर में पर्यावरण को लेकर लोगों को जागरूक करती रही हैं। उन्होंने कई बार अपने भाषणों से दुनियाभर के लोगों को दिल जीता है। इस संदर्भ में उन्हें अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने 2019 में उन्हें उस वक्त 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुना था, जब वो महज सत्रह साल की थीं।