ज्ञानेश कुमार फौरन इस्तीफा दें, पीएम और गृहमंत्री की साजिश के लिए जांच हो: राहुल गांधी
CEC विवाद पर राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ज्ञानेश कुमार को बचा रहे हैं। आज जैसी धांधली देश में पहले कभी नहीं हुई। ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
नई दिल्ली। चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर आई रिपोर्ट के बाद जारी बवाल के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को सरकारी गवाह बनने का ऑफर भी दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आज नहीं तो कल ज्ञानेश कुमार को सजा जरूर मिलेगी।
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पीएम मोदी और शाह ने चुना था। अब दो चुनाव आयुक्त कह रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार वोटिंग सिस्टम में डैमेज के जिम्मेदार हैं। वोट चोरी से कानून चोरी होती है। वोट गया मतलब लॉ मेकिंग सिस्टम गया। अगर वोट चुराया गया है और सांसद संसद में बैठे हैं तो वे कोई भी कानून बनाएंगे, वह गलत होगा। उनके बनाए सभी कानून गैरकानूनी होंगे। मुझे कोई शक नहीं है कि 6 महीने के अंदर आपके सामने ये ब्लैक एंड व्हाइट होगा।
राहुल गांधी ने कहा, 'महाराष्ट्र, हरियाणा, एमपी में चुनाव प्रभावित हुए। बीजेपी पर एंटी इनकंबेंसी का असर क्यों नहीं होता। उन्होंने पूछा कि बीजेपी लगातार कैसे चुनाव जीत रही है। राहुल गांधी ने कहा, 'वोट इस देश की नींव है।वोट से संविधान को ताकत मिलती है, संविधान से ही कानून बनते हैं और उससे संस्थाओं का निर्माण होता है। अगर वोट का अधिकार ख़त्म कर दिया गया तो संविधान, कानून और संस्थाओं का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।' राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से CEC पद से इस्तीफे की मांग की। साथ ही कहा कि वोट चोरी में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा आयोग के कार्यों में मनमर्जी फैसले लिए जाने संबंधी रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्ष हमलावर है। विपक्षी पार्टियां संसद के दोनों सदनों में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों से संपर्क किया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इसे अगले दो हफ्तों के भीतर पेश किया जाएगा। इसके साथ ही 29 सितंबर को कांग्रेस ने CWC की बैठक बुलाएगी। इसमें चुनाव आयोग के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।




