Asian Games: MP के जय मीना ने रचा इतिहास, भारत को सॉफ्ट टेनिस में दिलाया पहला मेडल

भोपाल के जय मीना ने 20वें एशियन गेम्स में भारत के लिए इतिहास रच दिया है। पुरुष एकल सॉफ्ट टेनिस के सेमीफाइनल में पहुंचकर उन्होंने देश का पहला कांस्य पदक पक्का किया।

Updated: Sep 24, 2026, 07:02 PM IST

मध्यप्रदेश के भोपाल निवासी सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीना ने जापान के आइची नागोया में जारी 20वें एशियन गेम्स में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पुरुष एकल स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचते ही जय ने सॉफ्ट टेनिस में देश का पहला एशियन गेम्स पदक सुनिश्चित कर दिया। हालांकि, सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका के हाथों 2-4 से हार का सामना करना पड़ा था। सेमीफाइनल में हार के बाद जय को कांस्य पदक मिला था।

अंतिम चार के मुकाबले में जय ने जापानी खिलाड़ी को आसान जीत नहीं लेने दी थी। मैच के दौरान उन्होंने कई बार वापसी की कोशिश की लेकिन निर्णायक मौकों पर कुरोसाका ने बढ़त बनाए रखी थी। इससे पहले क्वार्टरफाइनल में जय ने फिलीपींस के खिलाड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। इस जीत के साथ ही भारत का पदक पक्का हो गया था।

यह भी पढ़ें:CJP का CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, इस्तीफा नहीं दिया तो देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

जय मीना की यह उपलब्धि उनके लंबे खेल सफर का नतीजा है। उन्होंने साल 2022 में गुजरात में आयोजित 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष एकल का स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा पुरुष टीम और युगल स्पर्धाओं में भी उन्होंने मध्यप्रदेश के लिए पदक हासिल किए हैं। 2025 में जय पुरुष एकल वर्ग के नेशनल चैंपियन भी बने थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जय पहले अपनी पहचान बना चुके हैं। 2024 वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में उन्होंने आध्या तिवारी के साथ अंडर-21 मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता था। यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि जय और आध्या की जोड़ी विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली जोड़ी बनी थी।

जय का खेल सफर देवास के पायनियर पब्लिक स्कूल से शुरू हुआ था। स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों को खेलते देखा। शुरुआत में वह कोर्ट पर खिलाड़ियों की मदद करते हुए बॉल बॉय का काम करते थे। खेल के प्रति रुचि बढ़ने के बाद उन्होंने खुद रैकेट थामा और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू किया। स्कूल और जिला स्तर से आगे बढ़ते हुए उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी जगह बनाई।

यह भी पढ़ें:मऊगंज में नल जल योजना में भ्रष्टाचार, बिना काम सैंक्शन हुए 3.85 करोड़ रुपए, अधिकारियों पर FIR दर्ज

जय ने महज 14 वर्ष की उम्र में जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू कर दिया था। अब उसी देश में आयोजित एशियन गेम्स में भारत के लिए ऐतिहासिक पदक जीतकर उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

जय की सफलता पर मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए एशियन गेम्स का पहला पदक सुनिश्चित करना जय के साथ मध्यप्रदेश और देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने जय की उपलब्धि को प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक बताया है।