पुलिस अभिरक्षा से मुक्त हो राष्ट्रीय ध्वज, दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र सीएम को लिखा पत्र

कांग्रेस नेता ने मोहनीश जबलपुरे नामक समाजसेवी के आग्रह पर उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है, तीन लोगों ने बीस वर्ष पहले नागपुर स्थित आरएसएस के संस्थापक डॉ हेडगवार के स्मारक पर तिरंगा फहराने की कोशिश की थी,तिरंगे को पुलिस ने अपने पास ज़ब्त कर लिया था, कांग्रेस नेता ने इस झंडे को पुलिस की अभिरक्षा से मुक्त कराने की मांग की है

Updated: Nov 11, 2021, 07:06 PM IST

पुलिस अभिरक्षा से मुक्त हो राष्ट्रीय ध्वज, दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र सीएम को लिखा पत्र

नागपुर/भोपाल। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने एक तिरंगे झंडे को नागपुर पुलिस की अभिरक्षा से मुक्त कराने की मांग की है। आज से बीस वर्ष पहले तीन लोगों ने आरएसएस के संस्थापक डॉ हेडगेवार के स्मारक पर तिरंगा फहराने की कोशिश की थी, जिसके बाद झंडे को पुलिस ने ज़ब्त कर लिया था। 

कांग्रेस नेता ने सीएम उद्धव ठाकरे को पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि मोहनीश जबलपुरे नामक समाजसेवी ने उन्हें बताया है कि रमेश कलंबे, उत्तम मेंढे और दिलीप छत्तानी ने 26 जनवरी, 2001 को नागपुर के रेशमबाग स्थित डॉक्टर हेडगेवार स्मारक स्थल पर पहुंच कर राष्ट्र ध्वज तिरंगे को फहराने की कोशिश की थी क्योंकि राष्ट्रीय पर्व पर इस संस्थान के लोग तिरंगा नहीं फहराते थे। 

लेकिन स्मारक के कर्मचारियों ने उन्हें झंडा फहराने से रोक दिया।जिसके बाद वाद विवाद होने के कारण उन तीनों के विरुद्ध डॉ हेडगेवार स्मारक समिति के कर्मचारी सुनील कथले ने राष्ट्रध्वज फहराने की कोशिश करने पर स्थानीय कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज करा दी थी। कांग्रेस नेता महाराष्ट्र सीएम से आरएसएस की विचारधारा का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये उसी विचारधारा के लोग हैं जिन्होंने नागपुर के संघ मुख्यालय में 15 अगस्त और 26 जनवरी पर कई दशकों तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया था। 

राज्यसभा सांसद ने इस मामले की जानकारी देते हुए आगे कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को डॉक्टर हेडगेवार स्मारक समिति के कार्यालय में लगाने का मुकदमा स्थानीय न्यायालय में 12 वर्ष तक चला सन 2013 में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए तीनों अपराधियों को धारा 143, 148, 448, 323, 504, 506 बी और 149 से दोषमुक्त कर दिया और पुलिस द्वारा जब्त तिरंगे झंडे को जिला अधिकारी के यहां रखने का आदेश दिया गया। इस तरह "पहले तिरंगा बाद में रंग बिरंगा" का नारा लगाकर डॉक्टर हेडगेवार स्मृति कार्यालय में राष्ट्र ध्वज लगाने वाले तीनों राष्ट्रभक्त बरी हो गए।

कांग्रेस नेता ने उद्धव ठाकरे को बताया है कि यह विगत 20 वर्षों से राष्ट्र गौरव तिरंगा झंडा सरकारी रिकॉर्ड में ही रखा है। सामाजिक कार्यकर्ता मोहनीश जबलपुरे इस झंडे को प्राप्त कर राष्ट्रीय पर्व पर सार्वजनिक स्थल में फहराना चाह रहे हैं। जबलपुरे का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में 20 वर्ष से रखें राष्ट्रध्वज को बंधन से मुक्त कराया जाना चाहिए। लिहाज़ा दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम से यह अनुरोध किया है कि देश की आन-बान और शान के लिए जिस तिरंगे को हाथों में लेकर लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अपने प्राणों की आहुति दे दी उस तिरंगे को सरकारी बंधन से आजाद कराते हुए युवा समाजसेवी मोहनीश जबलपुरे को राष्ट्रीय पर्व पर फहराने के लिए सौंपा जाना चाहिए।