गैस सिलेंडर की लाइन में पूर्व सरपंच की मौत, भीषण गर्मी में 5 घंटे से खड़ा था बुजुर्ग

महाराष्ट्र के अकोला में गैस के लिए कई घंटे तक एक बुजुर्ग लाइन में लगा रहा। करीब 4-5 घंटे लाइन में खड़े रहने की वजह से उसे चक्कर आया और वह नीचे गिर गया।

Updated: Mar 30, 2026, 03:14 PM IST

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देश LPG की भयंकर किल्लत से जूझ रहा है। देशभर में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी की भी खबरें आ रही है। केंद्र सरकार का दावा है कि गैस सिलेंडर की पर्याप्त व्यवस्था है। हालांकि, जमीनी हालात इसके उलट हैं। गैस सिलेंडर के लिए लाइन में लगे एक और व्यक्ति की मौत हो गई है।

दरअसल, इस भीषण गर्मी में गैस सिलेंडर को लेकर एजेंसियों पर लग रही लंबी लाइनें जान की आफत बन रही हैं। महाराष्ट्र के अकोला शहर में गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइन में खड़े रहने के दौरान एक पूर्व सरपंच की अचानक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, शंकर फपूर्डाजी शिरसाट बुधवार को अकोला के यदुराज HP गैस एजेंसी पर गैस बुकिंग एवं केवाईसी प्रक्रिया के लिए पहुंचे थे। 

बताया जा रहा है कि वे करीब 4 से 5 घंटे तक भीषण गर्मी में लाइन में खड़े रहे। दोपहर करीब 1 बजे के आस-पास उन्हें चक्कर आया और वे अचानक जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद आस-पास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही क्षणों में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की खबर मिलते ही अन्वी मिर्जापुर गांव में शोक की लहर फैल गई।

इस घटना के बाद गैस एजेंसी की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि एजेंसी पर न तो पर्याप्त छाया की व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी की सुविधा, जिससे लोगों को घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ता है। वंचित बहुजन आघाड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता एवं मनपा नगरसेवक पराग गवई ने इस घटना पर तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ सदोष मनुष्य वध का मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने नागरिकों के लिए घर गैस वितरण व्यवस्था लागू करने और एजेंसियों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है।

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए शासन से तत्काल जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। विपक्षी दल कांग्रेस भी इस घटना को लेकर हमलावर है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा, 'एक पूर्व सरपंच, जिन्होंने जीवन भर जनता की सेवा की, आज उन्हें एक अदद 'गैस' के लिए 4-5 घंटे लाइन में लगकर अपनी जान गंवानी पड़ी। पहले नोटबन्दी की लाइनों में लोग मारे गए, वही कहानी अब लापता गैस के लिए शुरू हो चुकी है। और कितनी मौतों के बाद सरेंडर जी की नींद चुनावी रैलियों की जगह जनता की पीड़ा के लिए खुलेगी?'