नागरिकों की स्वतंत्रता के मामले में 17 पायदान नीचे खिसका भारत

Human Freedom Index 2020: भारत 162 देशों में इस साल 111 वें नंबर पर, पिछले साल 94 वें स्थान पर था भारत

Updated: Dec 19, 2020, 02:10 AM IST

नागरिकों की स्वतंत्रता के मामले में 17 पायदान नीचे खिसका भारत
Photo: Humsamvet

नई दिल्ली। देश के नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की स्थिति पहले से खराब हुई है - कई सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और बौद्धिक वर्ग के इस आकलन पर अब एक अंतराष्ट्रीय सर्वेक्षण ने भी मुहर लगा दी है। ताज़ा ग्लोबल ह्यूमन फ्रीडम इंडेक्स में भारत 17 पायदान लुढ़ककर 111वें नंबर पर जा पहुंचा है। पिछले साल भारत की रैंकिंग 94 थी।

दुनिया भर में नागरिकों की राजनीतिक, आर्थिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हाल बताने वाले इस इंडेक्स को गुरुवार को जारी किया गया है। इस रैंकिंग में भारत को कुल 162 देशों के बीच 111वें पायदान पर रखा गया है। यानी इस रिपोर्ट के हिसाब से देखा जाए तो जनता की आजादी के मामले में दुनिया के 110 देश हमसे आगे हैं। हमारी यह हालत तब है जब भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कहा जाता है। इंडेक्स के मुताबिक निजी स्वतंत्रता के मामले में भारत का स्कोर 10 में से 6.3 है, वहीं जबकि आर्थिक स्वतंत्रता के मामले में यह 6.56 है। तमाम पैमानों को मिलाकर देखें तो भारत का कुल फ्रीडम स्कोर 6.43 रहा।

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रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूजीलैंड के लोगों को आजादी हासिल है। इस रैंकिंग में न्यूजीलैंड 8.87 पॉइंट्स के साथ सबसे आगे है। वहीं, दूसरे स्थान पर स्विट्जरलैंड, तीसरे स्थान पर हॉन्ग-कॉन्ग, चौथे स्थान पर डेनमार्क और पांचवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया है।

भारत के पड़ोसी देशों की बात करें तो इस रैंकिंग में चीन 129वें स्थान पर है, जबकि बांग्लादेश 139वें और पाकिस्तान को 140वें स्थान पर रखा गया है। इससे यह कहा जा सकता है कि भारत के नागरिकों को बांग्लादेश, पाकिस्तान और चीन के मुकाबले ज्यादा आजादी मिल रही है। 

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स्वतंत्रता के मामले में जिन देशों की स्थिति बेहद खराब है उनमें 162वें यानी आखिरी पायदान पर सीरिया का नाम है। 161 वें स्थान पर सूडान, 160वें पर वेनेजुएला, 159वें स्थान पर यमन और 158वें नंबर पर ईरान का नाम है। रैंकिग के आधार पर कहा जा सकता है कि इन पांच देशों में जनता को सबसे कम आजादी है।

इस इंडेक्स को अमेरिकी थिंक टैंक कैटो इंस्टीट्यूट ने कनाडा के फ्रेजर इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर जारी किया है। इंडेक्स को बनाने में 76 इंडिकेटर्स का इस्तेमाल किया गया है, जो निजी, नागरिक और आर्थिक स्वतंत्रता की स्थिति के बारे में बताते हैं। यह रिपोर्ट स्वतंत्रता और समृद्धि के बीच एक मजबूत और सकारात्मक संबंध की पुष्टि करती है। यानी जिस देश में नागरिकों के जितनी ज़्यादा स्वतंत्रता हासिल है, वह आमतौर पर उतना ही समृद्ध है।