सरकारी नौकरी में ट्रांसजेंडर्स को आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना कर्नाटक, 1 फीसदी आरक्षण का ऐलान

कर्नाटक सरकार ने सीधी भर्ती से होने वाली सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को 1 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है, ऐसा करने वाला पहला राज्य बना कर्नाटक

Updated: Jul 22, 2021, 04:12 PM IST

सरकारी नौकरी में ट्रांसजेंडर्स को आरक्षण देने वाला पहला राज्य बना कर्नाटक, 1 फीसदी आरक्षण का ऐलान
Photo Courtesy : The Quint

बेंगलुरु। कर्नाटक के ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कर्नाटक सरकार ने ट्रांसजेंडर्स को सरकारी नौकरियों में 1 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। इसी के साथ कर्नाटक ट्रांसजेंडर्स को आरक्षण देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। राज्य सरकार के इस पहल से ट्रांसजेंडर समुदाय में खुशी है।

कर्नाटक सरकार ने इस संबंध में हाईकोर्ट को एक रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस फैसले के बारे में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके लिए राज्य के पुराने नियमों में संशोधन हुआ है। 6 जुलाई को जारी इस नोटिफिकेशन में सभी सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के थर्ड जेंडर के लोगों लिए आरक्षित श्रेणियों में से 1 प्रतिशत आरक्षण तय किया गया है।

इसमें बताया गया है कि जब भी राज्य सरकार सरकारी नौकरियों को लेकर नोटिफिकेशन जारी करेगी तब पुरुष और महिला के अलावा एक अन्य का भी कॉलम जोड़ा जाएगा। हालांकि, यदि ट्रांसजेंडर उम्मीदवार नहीं मिलते हैं, तब आरक्षित सीट को सामान्य वर्ग में पुरुष या महिला से भरा जाएगा।

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दरअसल, यौनकर्मियों और एचआईवी पीड़ितों के लिए काम करने वाली गैर सरकारी संगठन सांगमा ने इस बारे में कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था। याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि सरकारी नौकरियों के नोटिफिकेशन में थर्ड जेंडर की अवहेलना की जाती है। याचिका में इस बात पर जोर दिया गया था कि ट्रांसजेंडर्स को भी भारतीय संविधान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत मौलिक अधिकार मिलना चाहिए।