सांसदों के निलंबन पर तकरार, सरकार ने सुलह के लिए 4 दलों को भेजा न्योता, विपक्ष ने किया खारिज

विपक्ष ने स्पष्ट कहा है कि वे 12 निलंबित सांसदों की बिना शर्त बहाली की अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे, सरकार ने बातचीत के लिए 4 दलों को बुलाया है, कांग्रेस ने पूछा है कि सिर्फ चार दलों को ही क्यों?

Updated: Dec 20, 2021, 10:34 AM IST

सांसदों के निलंबन पर तकरार, सरकार ने सुलह के लिए 4 दलों को भेजा न्योता, विपक्ष ने किया खारिज
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नई दिल्ली। 12 राज्यसभा सांसदों के निलंबन मामले में संसद में गतिरोध जारी है। विपक्षी दल तत्काल सांसदों की बहाली चाहते हैं वहीं केंद्र सरकार इस बात पर अड़ी है कि सभी सांसद माफी मांगें। इसी बीच अब सरकार ने बातचीत के लिए चार दलों को निमंत्रण भेजा है। सरकार के इस प्रस्ताव को विपक्षी एकता में फुट डालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है और कांग्रेस ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

दरअसल, राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने सरकार और विपक्षी दलों को इस मुद्दे पर बातचीत के जरिए समस्या का हल निकालने के लिए कहा है। इसके बाद सरकार की तरफ से संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने निलंबित सांसदों वाले चार दलों को आज बातचीत के लिए बुलाया है। कांग्रेस ने इस आमंत्रण पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि सिर्फ चार दलों को बुलावा क्यों भेजा गया जबकि विरोध पूरा विपक्ष कर रहा है।

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राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर कहा कि, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने सभी विपक्षी नेताओं के बजाय केवल चार दलों को आमंत्रित किया है। सांसदों के निलंबन के खिलाफ सभी विपक्षी दल एकजुट हैं। हम 29 नवंबर से अनुरोध कर रहे हैं कि राज्यसभा चेयरमैन या सदन के नेता पीयूष गोयल सभी विपक्षी दलों के साथ बैठक बुलाएं, ताकि गतिरोध को खत्म किया जा सके। लेकिन इस पर कुछ नहीं किया गया। अब सभी विपक्षी दलों को बुलाने की बजाय चार दलों को बुलाना अन्यायपूर्ण है।'

तृणमूल कांग्रेस ने भी स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर वह कांग्रेस के साथ है। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट में लिखा है कि, 'एक ऐसी सरकार को संसद चलने नहीं देना चाहती है, उसका सोमवार सुबह का स्टंट। सिर्फ उन चार दलों को बुलाया जिनके 12 सांसद निलंबित हैं।'

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शिवसेना नेता संजय राउत ने बताया है की उन्हें सरकार से बातचीत के लिए न्योता मिला है। लेकिन इसपर अंतिम फैसला विपक्षी दलों के बैठक में लिया जाएगा। उधर आज भी दोनों सदनों में इस मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने मॉनसून सत्र के दौरान हुए विवाद को लेकर 12 राज्यसभा सांसदों को शीतकालीन सत्र से सस्पेंड कर दिया था। विपक्ष ने इस कार्रवाई को अनैतिक और अलोकतांत्रिक बताया है।