राज्यसभा में गूंजा पेट्रोल-डीजल की महंगाई का मुद्दा, विपक्ष ने सरकार से किए तीखे सवाल

विपक्ष ने पूछा, पड़ोसी देशों के मुक़ाबले भारत में इतना महँगा क्यों है पेट्रोल-डीज़ल, कोई साफ़ जवाब देने की जगह बोली सरकार, टैक्स के मसले बहुत ध्यान से हैंडल करने पड़ते हैं

Updated: Feb 10, 2021, 10:05 AM IST

राज्यसभा में गूंजा पेट्रोल-डीजल की महंगाई का मुद्दा, विपक्ष ने सरकार से किए तीखे सवाल
Photo Courtesy: news 18

दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीज़ल की आसमान छूती कीमतों का मसला आज राज्यसभा में भी गूंजा। विपक्ष ने इस मसले पर सरकार से मुश्किल सवाल पूछे। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष के सवाल का जवाब देने की कोशिश तो की, लेकिन वो ऐसी कोई दलील पेश नहीं कर सके, जिससे साफ हो कि आखिर भारत में पेट्रोल-डीज़ल के दाम पड़ोसी देशों के मुकाबले इतने अधिक क्यों हैं?

राज्यसभा में विपक्ष ने पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दामों के सिलसिले में सरकार पर चुटकी भी ली। समाजवादी पार्टी के सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने राज्यसभा में सवाल किया कि भारत में पेट्रोल के दाम कब कम होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा अंतरराष्ट्रीय कीमतों की दलील देती है, लेकिन सवाल ये है कि उतनी ही अंतरराष्ट्रीय कीमतों के रहते नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीज़ल भारत के मुकाबले बेहद सस्ते कैसे बिकते हैं?  उन्होंने सवाल किया कि 'सीता की धरती नेपाल में पेट्रोल-डीजल भारत से सस्ता है, रावण के देश श्रीलंका में भारत से कम कीमत है। तो क्या राम के देश में केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल सस्ता करेगी?'

इसका सीधा जवाब देने की बजाय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पड़ोसी देशों से भारत की तुलना करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इन देशों में समाज के कुछ ही लोग इसका उपयोग करते हैं। इसके बाद पेट्रोल-डीज़ल के ऊंचे दामों के लिए कोई तर्क देने में नाकाम पेट्रोलियम मंत्री केरोसिन के दाम की बात करने लगे। उन्होंने कहा कि भारत में पड़ोसी देशों के मुकाबले केरोसिन सस्ता है। उन्होंने कहा कि भारत में केरोसिन 32 रुपए लीटर मिलता है, जबकि बांग्लादेश और नेपाल में 57 से 59 रुपए में मिलता है।

और पढ़ें: और महंगा हुआ पेट्रोल डीजल, मध्य प्रदेश के मंडला में 100 के करीब पहुंचे दाम

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि 'देश में पेट्रोल-डीजल के दाम ऑल-टाइम हाई पर क्यों हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम ऑल-टाइम हाई नहीं है। एक्साइ़ज़ ड्यूटी कितनी बार बढ़ाई गई है?' सरकार ने इस सवाल का भी कोई सीधा जवाब नहीं दिया। कांग्रेस सांसद के सवाल के जवाब में पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम ऑल-टाइम हाई पर चल रहे हैं, ऐसा कहना उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि आज इंटरनेशनल क्रूड ऑयल के दाम 61 डॉलर है। उन्होंने कहा कि सरकार को टैक्स के मसले बहुत ध्यान से हैंडल करने पड़ते हैं।'

मंत्री ने यह तो नहीं बताया कि भारत में पेट्रोल-डीज़ल इतना महंगा क्यों बेचा जा रहा है, लेकिन उन्होंने यह आंकड़ा ज़रूर गिनाया कि 300 दिनों में सिर्फ 60 दिन ही पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ीं हैं, जबकि पेट्रोल 7 दिन और डीजल 21 दिन सस्ता भी किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 250 दिन ऐसे थे, जब फ्यूल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने विपक्ष से कहा कि ऐसा प्रचार करना ठीक नहीं है कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि अगर दाम आसमान छू रहे हैं तो विपक्ष को इस बारे में बात क्यों नहीं करनी चाहिए। पिछले दो दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़े हैं। मध्य प्रदेश के कुछ शहरों में तो पेट्रोल के दाम सौ रुपये के करीब जा पहुंचे हैं। हैरानी की बात है कि इसके बावजूद सरकार यह मानने तक को तैयार नहीं है कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम हद से ज़्यादा बढ़े हुए हैं।