एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स की सूची में शीर्ष पर पहुंचा राहुल गांधी का क्षेत्र वायनाड, नीति आयोग ने जारी की रिपोर्ट

एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम में पहला स्थान हासिल करने पर वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने जिला कलेक्टर से की बात, बोले- सामूहिक प्रयासों से ही यह संभव हुआ

Updated: Dec 05, 2022, 07:17 PM IST

एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स की सूची में शीर्ष पर पहुंचा राहुल गांधी का क्षेत्र वायनाड, नीति आयोग ने जारी की रिपोर्ट

वायनाड। नीति आयोग के एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स की सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में राहुल गांधी का लोकसभा क्षेत्र वायनाड ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम में शीर्ष स्थान हासिल करने पर राहुल गांधी ने जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत की।

राहुल गांधी ने इस बात की जानकारी देते हुए एक ट्वीट में लिखा कि यह हमारे सामूहिक प्रयास से ही संभव हो पाया है। वायनाड की इस उपलब्धि पर सांसद राहुल गांधी ने प्रसन्नता भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जन-केंद्रित पहलों को लागू करने के हमारे सामूहिक प्रयासों ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है।

जिला कलेक्टर ए गीता ने मीडिया को बताया कि वायनाड जिले ने स्वास्थ्य और पोषण के साथ-साथ वित्तीय समावेशन और कौशल विकास क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि वायनाड जिले ने गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, कुशल बेहतर उपस्थिति और टीकाकरण में भी उपलब्धियां हासिल की है।

बता दें कि साल 2018 में इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। उसके बाद से यह पहली बार है जब वायनाड को रैंकिंग के लिए चुना गया है। वित्तीय समावेशन और कौशल विकास श्रेणियों में भी इस साल सितंबर में वायनाड जिले को देश में पहले स्थान पर रखा गया था।

इससे पहले वायनाड जिला जुलाई 2019 और जून 2021 में कृषि और जल स्रोत श्रेणियों में दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा। साथ ही सितंबर 2021 में स्वास्थ्य और पोषण में चौथे स्थान पर रहा। वायनाड कलेक्टर ने बताया कि जिले को अपने प्रदर्शन के लिए अब तक कुल 11 करोड़ रुपए से सम्मानित किया जा चुका है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य 28 राज्यों के 117 जिलों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में तेजी से सुधार लाना है। वायनाड इस कार्यक्रम के लिए राज्य से चुना गया अकेला जिला है। यह कार्यक्रम पांच मुख्य विषयों पर केंद्रित है। जिसमें स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, और बुनियादी ढांचा शामिल है।