कृषि कानूनों पर संसद में हंगामे के आसार, क़िले में तब्दील हुए सभी प्रदर्शन स्थल

गाजीपुर, सिंधु और टिकरी बॉर्डर पर प्रशासन की घेराबंदी, कहीं भारी बैरिकेडिंग तो कहीं सड़क खोदकर लगाई कीलें, राज्य सभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस का नोटिस जारी

Updated: Feb 02, 2021, 03:22 PM IST

कृषि कानूनों पर संसद में हंगामे के आसार, क़िले में तब्दील हुए सभी प्रदर्शन स्थल
Photo Courtesy: Social media

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन आज 68वें दिन भी जारी है। अब इसे लेकर संसद में भी हंगामे के आसार नजर आ रहे हैं। विपक्ष ने राज्य सभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस का नोटिस दिया है। इसी बीच प्रशासन ने सभी प्रदर्शनस्थलों को दुर्ग में तब्दील कर दिया है। दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस ने बड़ी संख्या में पक्के बैरिकेड्स बनवा दिए हैं। इतना ही नहीं बॉर्डर पर सड़क खोदकर नुकीले कील तक लगाए गए हैं।

कल बजट पेश होने के दौरान भी विपक्ष ने कृषि कानूनों का विरोध कर जता दिया है कि आने वाले दिनों में सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है। सोमवार को राज्यसभा में राज्यसभा में कांग्रेस के विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने किसान कानूनों को लेकर सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस जारी किया है।साथ ही राज्यसभा सांसद दीपेंदर सिंह हुड्डा और विपक्ष के उप नेता आनंद शर्मा ने भी किसान कानूनों पर चर्चा के लिए नोटिस जारी किया है। इसके अलावा सीपीआई के सांसद बिनॉय विस्वम और आरजेडी के सासंद मनोज झा ने भी सदन में नोटिस दिया है।

दुर्ग में तब्दील हुआ गाजीपुर बॉर्डर

टिकैत के आह्वान के बाद अब गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों का हुजूम बढ़ता ही जा रहा है। इन सब के बीच दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह से किले में तब्दील कर दिया है। पुलिस ने बॉर्डर को पूरी तरह से सील कड़ते हुए भारी बैरिकेडिंग लगवा दिए हैं। बताया जा रहा है कि गाड़ियों के आवाजाही को रोकने के लिए 7 स्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। वहीं लोगों को पैदल चलने से रोकने के लिए कंटीले तार लगा दिए गए हैं। इतना ही नहीं बैरिकेड्स को सीमेंट डालकर पक्के किए गए हैं। 

टिकरी बॉर्डर पर सड़क खोदकर कीलें लगाई

दिल्ली पुलिस ने सिंधु और टिकरी बॉर्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कई डेवलपमेंट किए हैं। सोमवार को टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने सड़क को खोदकर गड्ढों के अंदर कीलें और सरिया लगवा दिया है। इसके पहले पुलिस ने यहां आरसीसी की दीवार बनाई थी साथ ही सात लेयर की बैरिकेडिंग भी की गई है। बैरिकेडिंग के उस तरफ प्रशासन ने भारी संख्या में रोड रोलर भी खड़े कर रखें हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने तो यहां 4 फीट मोटी कंक्रीट दीवार बना दी है। 

पुलिस के द्वारा सड़कों को खोदकर उसमें कीलें और लोहे के सरिया जमाए जाने की देशभर में आलोचनाएं हो रही हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता नरेश टिकैत ने कहा है कि हम किसान हैं, पाकिस्तान नहीं जो पुलिस इस तरह से कीलें गाड़कर किला बना रही है। उन्होंने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से पूछा है कि केंद्र सरकार से बातचीत करने आने के लिए किसानों को इन कीलों से गुजरना पड़ेगा क्या?

गौरतलब है कि 26 जनवरी को हुए उपद्रव के बाद किसान आंदोलन में नरमी की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, इसी बीच बीजेपी विधायक के धमकी के बाद किसान नेता राकेश टिकैत के आंसुओं ने देश के किसानों को झकझोर दिया और देखते-देखते दिल्ली के सभी बॉर्डर्स पर किसानों का हुजूम उमड़ने लगा। हजारों की संख्या में उमड़े किसानों की इस भीड़ ने केंद्र सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है। सरकार द्वारा किसानों को किसी प्रकार से रोके रखने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के जवानों को तो बकायदा तलवारों से मुकाबले के लिए विशेष तरह के स्टील के रॉड मुहैया कराए गए हैं।