तमिलनाडु सीएम स्टालिन ने जलाई परिसीमन बिल की कॉपी, कहा- पूरे दक्षिण भारत में फैलेगी ये आग
तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने परिसीमन बिल की एक कॉपी जला दी है। उन्होंने कहा कि पूरे दक्षिण में इसकी आग फैल गई है। सीएम ने लोगों से बिल के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है।
चेन्नई। महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े 3 बिल आज लोकसभा में पेश किए गए। विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। खासकर दक्षिण भारत में विरोध के स्वर तेज हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसके खिलाफ आर-पार की जंग छेड़ दी है। उन्होंने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने बिल की एक प्रति भी जलाई और काले झंडा लहराया।
तमिलनाडु सीएम स्टालिन ने नामक्कल में चुनाव प्रचार के दौरान यह प्रदर्शन किया। उन्होंने विधेयक की प्रति जलाते हुए कहा, 'मैं इस विधेयक की प्रति जलाकर एक और आग लगा रहा हूं जो तमिलों को अपने ही देश में शरणार्थी बना देगी। ये आग पूरे द्रविड़ जमीन में फैलेगी और बीजेपी के घमंड को कुचल देगी।'
स्टालिन ने एक्स पर पोस्ट साझा कर राज्य के सभी लोगों से इस प्रस्तावित परिसीमन का जोरदार विरोध करने की अपील की है। उन्होंने लिखा, परिसीमन पर पूरे तमिलनाडु में विरोध की आग फैल जाए, ताकि बीजेपी का अहंकार चूर-चूर हो जाए। डीएमके प्रमुख ने ऐतिहसिक हिंदी विरोधी आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे तब दिल्ली को झुकना पड़ा था, अब भी ऐसा ही होगा।
उन्होंने दावा किया कि परिसीमन का ये प्रस्ताव तमिलों को उनके अपने ही देश में राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेल देगा और उनकी आवाज को दबा देगा। उन्होंने कहा, 'आज, मैंने इस काले कानून की प्रति जलाकर और इस काले कानून के खिलाफ काला झंडा दिखाकर उस आग को फिर से प्रज्वलित कर दिया है जो तमिलों को हमारी ही धरती पर शरणार्थी बनाना चाहता है।'
सीएम स्टालिन ने एक दिन पहले बुधवार को वीडियो संदेश जारी कर तमिलनाडु के लोगों से अपील की थी कि वे गुरुवार को अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर काले झंडे लगाकर इस प्रस्ताव के खिलाफ विरोध दर्ज कराएं। अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री स्टालिन ने परिसीमन के प्रस्ताव को तमिलनाडु के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया दक्षिणी राज्यों के साथ विश्वासघात है और इससे उत्तरी राज्यों की राजनीतिक ताकत और मजबूत होगी।




