फ्यूल सप्लाई बनाए रखने के लिए केंद्र का बड़ा फैसला, अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन

केंद्र सरकार ने ईंधन आपूर्ति सुचारु रखने के लिए अब पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन वितरण की अनुमति दी है। हर जिले में दो पंप चुने जाएंगे।

Updated: Mar 30, 2026, 10:20 AM IST

देश में ईंधन आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने रविवार को अहम फैसला लिया है। अब राशन दुकानों के अलावा चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू की गई है। इसके तहत हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को केरोसिन स्टोरेज और वितरण की अनुमति दी जाएगी।

सरकार के इस फैसले के तहत चयनित पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में 60 दिनों के लिए ढील दी गई है ताकि जरूरतमंद परिवारों तक ईंधन समय पर पहुंच सके। इस अवधि में केरोसिन के वितरण से जुड़े कई नियम आसान किए गए हैं। जिसकी वजह से सप्लाई चेन में तेजी लाई जा सके।

नई व्यवस्था के तहत केरोसिन के एजेंट और डीलरों को फिलहाल लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही टैंकरों से केरोसिन की सप्लाई और उतारने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। पेट्रोल पंपों को अस्थायी तौर पर केरोसिन स्टोर करने और वितरित करने की अनुमति दी गई है। जिससे स्थानीय स्तर पर उपलब्धता बढ़ाई जा सके।

सरकार ने यह कदम मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के चलते उठाया है। इस संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इसका असर भारत में गैस और पेट्रोल-डीजल की मांग पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, केंद्र ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।

सरकार के अनुसार, देशभर में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। एलपीजी उत्पादन भी घरेलू खपत को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया गया है। इसके बावजूद कुछ राज्यों में अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर भीड़ और असामान्य खरीदारी देखी गई है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर ईंधन न खरीदें।

एलपीजी और गैस सप्लाई की स्थिति पर भी सरकार ने भरोसा जताया है। घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य है और किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर कमी की सूचना नहीं है। एक दिन में 55 लाख से अधिक सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं। जबकि, ऑनलाइन बुकिंग का प्रतिशत बढ़कर 94% तक पहुंच गया है। सीएनजी और पीएनजी उपभोक्ताओं को भी पूरी यानी 100% सप्लाई दी जा रही है।

सरकार ने एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसी दिशा में राज्यों को अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर यानी करीब 4 करोड़ 80 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया गया है। साथ ही सिटी गैस कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक और व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल उनकी औसत खपत का 80% गैस ही उपलब्ध कराई जा रही है ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।