नोएडा: रेमडेसिविर के लिए महिलाओं ने पड़े सीएमओ के पैर, सीएमओ ने धमकाते हुए कहा, दोबारा आईं तो जेल भेज दूंगा

मंगलवार को तीन महिलाएं सेक्टर 39 स्थित सीएमओ कार्यालय रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए गुहार लगाने पहुंची थीं, लेकिन सीएमओ ने महिलाओं की मदद करने के बजाय उन्हें धमकाना ज़्यादा मुनासिब समझा

Updated: Apr 28, 2021, 12:12 PM IST

नोएडा: रेमडेसिविर के लिए महिलाओं ने पड़े सीएमओ के पैर, सीएमओ ने धमकाते हुए कहा, दोबारा आईं तो जेल भेज दूंगा
Photo Courtesy: Amar Ujala

नोएडा। एक तरफ भाजपा शासित यूपी सरकार के रेमडेसिविर की कोई कमी नहीं होने के दावे हैं, दूसरी तरफ नोएडा स्थित सीएमओ कार्यालय की यह तस्वीर है जहां तीन महिलाएं रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए सीएमओ दीपक ओहरी के पैर पड़ रही हैं। लेकिन सीएमओ दीपक ओहरी का महिलाओं के प्रति रवैया और भी अजीब है। सीएमओ ने महिलाओं की सहायता करने के बजाय उन्हें उल्टा धमका दिया। 

दरअसल मंगलवार को तीन महिलाएं नोएडा सेक्टर 39 स्थित सीएमओ कार्यालय पहुंची थीं। तीनों महिलाएं अपने परिजनों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की खोज में भटक रही थीं। सीएमओ डॉ दीपक ओहरी को देखते ही तीनों महिलाओं ने इंजेक्शन के लिए सीएमओ के पैर पकड़ लिए। लेकिन सीएमओ ने महिलाओं की सहायता करने के बजाय उन्हें जेल भेजने की धमकी दे दी। 

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तीनों महिलाओं ने जब सीएमओ दीपक ओहरी को देखा तब उन्होंने अपने अपने मरीजों की रिपोर्ट सीएमओ को दिखाई। सीएमओ ने रिपोर्ट अपने हाथ में लेते हुए मदद का आश्वासन तो दिया। लेकिन जैसे ही अपने परिजनों की गंभीर स्थिति से परेशान महिलाओं ने उम्मीद के साथ सीएमओ के पैर छुए, वैसे ही सीएमओ दीपक ओहरी का महिलाओं के प्रति रुख एकदम ही बदल गया। सीएमओ ने महिलाओं से कहा कि अब अगर दोबारा आईं तो जेल भेज दूंगा। 

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सीएमओ कार्यालय की यह तस्वीर और सीएमओ का महिलाओं के प्रति रवैया अफसोसजनक तो है ही लेकिन साथ ही साथ यह तस्वीर यूपी सरकार के उन दावों की पोल खोलने के लिए काफी है, जिसमें यूपी सरकार अपने राज्य में तमाम ज़रूरी सुविधाओं की उपलब्धता के दावे करती है। इलाहाबाद हाई कोर्ट तक ने योगी सरकार की कोरोना को नियंत्रित करने की योजना और मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने योगी सरकार की कोरोनास कार्य योजना तक को खारिज कर दिया है। और नए सिरे से एक योजना बनाने के लिए कहा है।