Rahul Gandhi : तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला कैसे लुटा

Shayarana Politics : राहुल गांंधी ने शेर से PM Narendra Modi पर कसा तंज तो MP के CM शिवराज सिंह चौहान ने दिया जवाब

Updated: Jul-01, 2020, 08:55 AM IST

Rahul Gandhi :   तू इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला कैसे लुटा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्‍ट्र के नाम संबोधन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शायराना अंदाज में तंज कसा। राहुल गांधी ने ट्विटर हैंडल पर शहाब जाफरी का शेर साझा करते हुए ट्वीट किया है 'तू इधर उधर की न बात कर,ये बता कि क़ाफ़िला कैसे लुटा,मुझे रहज़नों से गिला तो है,पर तेरी रहबरी का सवाल है।'

दरअसल राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से संबोधन के दौरान चीन का ज़िक्र एक दफा भी न करने को लेकर सवाल खड़ा किया है। उनका इशारा कोरोना रोकने में सरकार की असफलता की ओर भी है।

 

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी पर हाल ही के कुछ दिनों से लगातार हमलावर हैं। राहुल गांधी लागातर सीमा पर चल रहे चीन के साथ तनातनी पर प्रधनामंत्री से सवाल कर रहे हैं। और उनकी चुप्पी पर भी गंभीर प्रश्न चिन्ह लगा रहा हैं। इसी कड़ी में राहुल गांधी ने एक बार फिर चीन के मसले पर प्रधनामंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़ा किया।

कभी सुषमा ने इसी शेर का इस्तेमाल मनमोहन के लिए किया था

राहुल गांधी के इस शायराना अंदाज़ ने सबके ज़हन में उस समय की याद ताज़ा कर दी हैं, जब सुषमा ने भी इसी शेर का इस्तेमाल तत्कालीन प्रधानमंत्री के लिए किया था। 2011 में तत्कालीन यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान संसद में चल रही बहस के समाय दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की दिवंगत नेत्री सुषमा स्वराज ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर इसी शेर के ज़रिए निशाना साधा था। तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुषमा के जवाब में इकबाल का मशहूर शेर पढ़ा था। ' माना के तेरी दीद के काबिल नहीं हूं मैं, तू मेरा शौक देख, मेरा इंतज़ार देख।'

राहुल के जवाब में शिवराज भी शायराना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ट्वीट के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया है 'यूं ही दिल खोलकर आप बात करें, कभी अपनों से भी सवाल करें। आपको रहज़नों से गिला है तो, अपने यार रहज़नों' से आप कुछ तो सवाल करें।'

शिवराज ने थोड़ी देर बाद ही एक शेर ट्वीट किया। इसमें उन्‍होंने लिखा 'आये थे आप हमदर्द बनकर,रह गये केवल राहज़न बनकर। पल-पल राहज़नी की इस कदर आपने,कि आपकी यादें रह गईं दिलों में जख्म बनकर।’