T-20 World Cup: भारत से हार के बाद बाबर-शाहीन पर फूटा PCB का गुस्सा, दोनों होंगे टीम से बाहर
टी20 विश्व कप में भारत से 61 रन की हार के बाद पाकिस्तान टीम भारी आलोचना के घेरे में आ गई है। बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और शादाब खान के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं।
कोलंबो में खेले गए टी20 विश्व कप मुकाबले में भारत से 61 रन की करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में भूचाल आ गया है। इस एकतरफा मैच के बाद टीम के पूर्व कप्तान बाबर आजम कड़ी आलोचना के शिकार हो गए हैं। कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने उन्हें समेत कुछ सीनियर खिलाड़ियों को टी20 टीम से बाहर करने की खुली मांग कर दी है। हार के बाद पाकिस्तान के क्रिकेट गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक निराशा और गुस्से का माहौल देखने को मिल रहा है।
भारत के खिलाफ इस अहम मुकाबले में पाकिस्तान के अनुभवी खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके थे। पूर्व कप्तान शादाब खान और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे थे। दूसरी ओर भारत के युवा सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने 40 गेंदों में 77 रन की विस्फोटक पारी खेलते हुए पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में ला दिया था। जवाब में पाकिस्तान की बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजों के सामने बिखर गई थी। मैच में बाबर को अक्षर पटेल ने महज पांच रन पर आउट कर दिया था। यह विकेट पाकिस्तानी टीम के लिए एक अहम मोड़ साबित हुआ था।
हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर चयन उनके हाथ में होता तो बाबर, शादाब और शाहीन को दोबारा टी20 टीम में जगह नहीं मिलती। उनके अनुसार, इन खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके दिए जा चुके हैं लेकिन बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अब टी20 प्रारूप में नए खिलाड़ियों को तैयार करने का समय आ गया है। मैच में शाहीन ने सिर्फ दो ओवर में 31 रन खर्च कर दिए थे। जिससे टीम शुरुआत में ही दबाव में आ गई थी।
पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद ने हार पर ज्यादा विस्तार से टिप्पणी नहीं की लेकिन स्वीकार किया कि पाकिस्तान टीम दबाव वाले मुकाबलों में चुनौती पेश करने में असफल रही है। उनका कहना था कि बड़े मैच खिलाड़ियों के जज्बे की असली परीक्षा होते हैं और टीम इस कसौटी पर खरी नहीं उतरी।
आमतौर पर बाबर का समर्थन करने वाले पूर्व कप्तान मोहम्मद यूसुफ ने भी इस बार कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बाबर, शाहीन और शादाब का टी20 करियर अब अंत की ओर है और टीम को कमजोर विरोधियों पर मिली जीतों के बजाय नए खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहिए। वहीं, पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने एक भारतीय टीवी चैनल पर बाबर के सुपरस्टार दर्जे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले डेढ़-दो दशकों में पाकिस्तान क्रिकेट में सुधार नहीं हुआ है और अब भारत को हराना सपना बन गया है।
बाबर के लंबे समय से आलोचक रहे अहमद शहजाद ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि बाबर एक बार फिर सस्ते में आउट हुए और संभवतः टी20 प्रारूप में खुद को साबित करने का यह उनका आखिरी मौका था। हार के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रशंसकों ने टीम का मजाक उड़ाते हुए निराशा जताई और कुछ लोगों ने यहां तक कहा कि मैच का बहिष्कार जारी रहता तो बेहतर होता।
पूर्व कप्तान मोइन खान ने स्वीकार किया कि मौजूदा समय में भारत हर प्रारूप में पाकिस्तान से बेहतर टीम बन चुका है। उन्होंने कहा कि पेशेवर खिलाड़ी होने के बावजूद उन्हें हमेशा यह आशंका रहती है कि भारतीय टीम बड़े मौकों पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती है। जो कि इस मैच में भी देखने को मिला।
रणनीति पर सवाल उठाते हुए मियांदाद ने टीम संयोजन की आलोचना की। उन्होंने पूछा कि फहीम अशरफ से गेंदबाजी क्यों नहीं करवाई गई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि छह स्पिनरों के साथ उतरने की रणनीति का क्या मतलब था। उनके मुताबिक, टीम चयन और मैच योजना दोनों स्तर पर गलतियां हुई थी।
पूर्व विकेटकीपर कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि अमेरिका और नीदरलैंड के खिलाफ शुरुआती जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ था। साथ ही कोच माइक हेसन तथा कप्तान सलमान अली आगा के मार्गदर्शन में टीम संतुलित दिख रही थी। लेकिन उन्होंने माना कि पाकिस्तान फिर भारत की ताकत को कम आंकने की गलती कर बैठा। जो उनके हार की वजह बनी।
लतीफ के अनुसार, भारतीय टीम बड़े मैचों की विशेषज्ञ है। जहां हर खिलाड़ी अपनी भूमिका स्पष्ट रूप से समझता है। इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान की रणनीति भारतीय टीम के स्तर तक नहीं थी। इस हार के साथ पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव की मांग तेज हो गई है और अब टीम के भविष्य को लेकर गंभीर बहस शुरू हो चुकी है।




