नीली बेंदापुडी ने रचा इतिहास, भारतीय मूल की पहली महिला जिन्हें अमेरिका के पेन स्टेट यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष बनाया गया

विशाखापत्तनम में जन्मी नीली बेंदापुडी पिछले 27 साल से अमेरिका में कार्यरत हैं, वे ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डॉक्टरेट लेवल के छात्रों को मार्केटिंग विषय पढ़ाने और प्रशासनिक कार्यों में माहिर हैं

Updated: Dec 10, 2021, 11:26 AM IST

नीली बेंदापुडी ने रचा इतिहास, भारतीय मूल की पहली महिला जिन्हें अमेरिका के पेन स्टेट यूनिवर्सिटी का अध्यक्ष बनाया गया
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अमेरिका के प्रतिष्ठित पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष के तौर पर भारतीय मूल की प्रोफेसर नीली बेंदापुडी को नॉमिनेट किया गया है। वे भारतीय मूल की पहली अश्वेत महिला हैं जिन्हें यह पद मिला है। इसी के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है।यूनिवर्सिटी की ओर से गुरुवार को इसका ऐलान किया गया। नीली को दी गई जिम्मेदारी की आधिकारिक घोषणा पेन्सिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी ने अपनी वेबसाइट पर की है। उनके बयान में कहा गया है 9 दिसंबर को पेन स्टेट बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ द्वारा उन्हें सर्वसम्मति से पेन स्टेट का अगला अध्यक्ष नॉमिनेट  किया जा रहा है।

नीली बेंदापुडी का जन्म विशाखापत्तनम में हुआ था। वे हायर एजुकेशन के लिए 1986 में अमेरिका गई थीं। फिलहाल नीली बेंदापुडी इनदिनों लुइसविले यूनिवर्सिटी की 18 वीं अध्यक्ष के तौर पर कार्य कर रही हैं। केंटकी में लुइसविले यूनिवर्सिटी में मार्केटिंग विभाग की अध्यक्ष और प्रोफेसर के तौर पर कार्य कर रही हैं।

पेन यूनिवर्सिटी में उनका कार्यकाल 2022 में शुरू होगा। वे पेन यूनिवर्सिटी की 19वीं अध्यक्ष होंगी। पेन यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष के रूप में सेवा करने वाली पहली महिला और अश्वेत व्यक्ति के रूप में इतिहास रचेंगी।

नीली करीब 30 साल से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में मार्केटिंग पढ़ाया है और वहीं उन्हें वे अच्छी प्रशासक भी मानी जाती हैं। वे कैनसस यूनिवर्सिटी में प्रोवोस्ट और कार्यकारी कुलपति, कान्सास यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन की जिम्मेदारी उठा चुकी हैं। साथ ही वे ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में इनिशिएटिव फॉर मैनेजिंग सर्विसेज की फाउंडर  डायरेक्टर हैं। नीली बेंदापुडी वर्तमान अध्यक्ष एरिक जे बैरोन का स्थान लेंगी, एरिक 30 साल से ज्यादा के कार्यकाल के बाद पेन स्टेट से रिटायर्ड होने जा रहे हैं।नीली बेंदापुडी के अपने करियर में छात्रों की सफलता के लिए भरसक प्रयास किया। वे अपने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों अक्सर नई चुनौती और जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित  करती हैं।

इस जिम्मेदारी मिलने पर नीली बेंदापुडी ने पेन यूनिवर्सिटी के प्रति आभार जताया है। वे कहती हैं कि “पेन स्टेट एक विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी है, और मैं पूरे राष्ट्रमंडल और उससे आगे के उत्कृष्ट छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों के इस जीवंत समुदाय में शामिल होने के लिए और अधिक उत्साहित और उत्साहित नहीं हो सकती।”

उनका कहना है कि वे अपने कार्यकाल में पेन स्टेट के हर कैंपस को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की कोशिश करेंगी औऱ इसे अपना मिशन बनाएंगी। नीली बेंदापुडी काफी लंबा अनुभव रखती हैं वे 2016 से 2018 तक स्टेट प्रमुख लॉरेंस, कान्सास में कैनसस यूनिवर्सिटी में प्रोवोस्ट और कार्यकारी कुलपति रह चुकी हैं। वे साल 2011 और 2016 तक केयू के स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन की जिम्मेदारी सम्हाल चुकी हैं

इससे पहले वे हंटिंगटन नेशनल बैंक के कार्यकारी उपाध्यक्ष और चीफ कस्टमर ऑफिसर के तौर पर काम कर चुकी है। वे एआईजी, प्रॉक्टर एंड गैंबल और अमेरिकी सेना सहित दुनिया की कुछ सबसे बड़ी कंपनियों और संगठनों के लिए भी कंसल्टेशन का काम किया है। 27 साल के करियर में उन्होंने ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और डॉक्टरेट लेवल के छात्रों को मार्केटिंग विषय पढ़ाया है। वे कई कॉलेज और राष्ट्रीय शिक्षण पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। जिसमें एकेडमी ऑफ मार्केटिंग साइंस आउटस्टैंडिंग मार्केटिंग टीचर अवार्ड भी शामिल है। नीली बेंदापुडी के पति डॉ वेंकट बेंदापुडी ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी, कान्सास यूनिवर्सिटी और लुइसविले यूनिवर्सिटी से जुड़े थे वे अब रिटायर हो चुके हैं।