कोरोना से जंग हारे छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर छेदीलाल तिवारी, इलाज के दौरान निधन

रायपुर में कोरोना दवाइयों की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रायपुर के जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर छेदीलाल तिवारी एक इंजेक्शन के इंतजार में दुनिया को अलविदा कह गए

Updated: Apr 27, 2021, 11:55 AM IST

कोरोना से जंग हारे छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर छेदीलाल तिवारी, इलाज के दौरान निधन
Photo courtesy: janta se rishta

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना बेकाबू हो रहा है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर छेदीलाल तिवारी का कोरोना संक्रमण की वजह से निधन हो गया। डॉक्टर छेदीलाल तिवारी की गिनती लोकप्रिय अधिकारियों में की जाती थी। डाक्टर छेदीलाल के निधन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, समेत कई मंत्रियों ने भी शोक व्यक्त किया है। डॉक्टर छेदीलाल तिवारी संघर्ष करने वाले और काफी लोकप्रिय अधिकारी थे। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा, संयुक्त सचिव उमेश मिश्रा, प्रभारी जनसंपर्क संचालक जे. एल. दरियो और संयुक्त संचालक उमेश मिश्रा सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी ने उनके असमय निधन पर दुख व्यक्त किया है। विभाग में शोक की लहर छा गई है।

गौरतलब है कि डाक्टर छेदीलाल की कोरोना रिपोर्ट आने पर उन्हें रायपुर के सुयश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके बारे में उनके साथियों का कहना है कि वे आत्मविश्वासी और मेहनती व्यक्ति थे। अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया था। जनसंपर्क विभाग का उनका सफर ऑटो ड्राइवर की नौकरी से शुरू हुआ था।

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लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था।  उन्हें पढ़ने-लिखने की लगन थी जिसके बाद आटो ड्राइवर की नौकरी करते-करते स्नातकोत्तर और फिर पीएचडी की उपाधी हासिल कर ली। अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उनकी  प्रतिभा को पहचाना और उनकी उपलब्धि पर प्रसन्न हुए। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने डाक्टर छेदीलाल को सूचना सहायक के पद पर पदोन्नति दे दी। जिसके बाद उन्होंने हर मोर्चे पर खुद को साबित किया। और एक अच्छे अधिकारी के तौर पर अपनी काबिलियत साबित की, वे अपने काम में जितने दक्ष थे उतने ही मिलनसार और मृदुभाषी थे। बड़े अफसर हो या विभाग का छोटा कर्मचारी उनका सम्मान करते नहीं थकता था।

हाल ही में डाक्टर छेदीलाल की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें सुयश अस्पताल में भर्ती किया गया था। उन्हें एक जरुरी इंजेक्शन नहीं लग पाया औऱ उनकी मौत हो गई। वे हॉस्पिटल से इंजेक्शन के लिए मैसेज करते रहे फिर भी उन्हें इंजेक्शन नहीं मिल पाया। जनसंपर्क विभाग के अधिकारी लगातार डॉक्टरों के संपर्क में थे।  अन्य साथियों ने भी अपने अपने स्तर पर प्रयास किए। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। आज ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की भतीजी करुणा शुक्ला का भी कोरोना की वजह से निधन हो गया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सोमवार को 15084 नए कोरोना केस सामने आए है। वहीं 17341 लोगों की छुट्‌टी हुई है। कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 1 लाख 21 हजार 352 है। वहीं एक दिन में 226 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। अकेले रायपुर में 70 मरीजों ने दम तोड़ा है।