रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए रिटेल सौदे को लगा झटका, रिलायंस ने डील को आगे बढ़ाने से किया इनकार 

अगस्त 2020 में रिलायंस ग्रुप की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड के साथ फ्यूचर ग्रुप की 24,713 करोड़ रुपये में विलय समझौते की हुई थी घोषणा, फ्यूचर ग्रुप के सुरक्षित कर्जदाताओं की ओर से इस सौदे को मंजूरी नहीं मिलने के बाद रिलायंस ने डील रद्द कर दिया 

Updated: Apr 24, 2022, 11:04 AM IST

रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए रिटेल सौदे को लगा झटका, रिलायंस ने डील को आगे बढ़ाने से किया इनकार 

नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और फ्यूचर ग्रुप के बीच हुए रिटेल सौदे को तगड़ा झटका लगा है। रिलायंस समूह ने कहा है कि अब वह इस सौदे को आगे नहीं बढ़ा सकती है।  दरअसल फ्यूचर ग्रुप के साथ अगस्त 2020 में हुए रिलायंस समूह के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को फ्यूचर ग्रुप के सुरक्षित कर्जदाताओं की बैठक में मंजूरी नहीं मिली है। इसके बाद स्पष्ट हो गया है कि अब इस डील को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस बाबत शेयर बाज़ार को भी सूचना भेज दी है। 

फ्यूचर ग्रुप ने अगस्त 2020 में रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड के साथ 24,713 करोड़ रुपए के विलय समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक एवं भंडारण में कार्य कर रही फ्यूचर ग्रुप की 19 कंपनियों का रिलायंस रिटेल अधिग्रहण करने वाली थी। इस सौदे का ई-कॉमर्स की दिग्गज कम्पनी अमेजन शुरू से विरोध कर रही थी। ये विवाद इतना बढ़ा कि रिलायंस और फ्यूचर ग्रुप के विलय का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। इस सौदे पर शेयरधारकों एवं ऋणदाताओं की मंजूरी लेने के लिए फ्यूचर ग्रुप की कंपनियों ने इस हफ्ते की शुरुआत में बैठक बुलाई थीं। फ्यूचर ग्रुप ने बताया है कि शेयरधारकों एवं असुरक्षित कर्जदाताओं ने इस समझौते को मंजूरी दे दी है, लेकिन सुरक्षित कर्जदाताओं ने इस विलय सौदे को नामंजूर कर दिया है। 

फ्यूचर ग्रुप ने शेयर बाजार को बताया है कि उसे सुरक्षित ऋण देने वाले कर्जदाताओं में से 69.29 फीसदी ने रिलायंस रिटेल के साथ हुए सौदे पर अपनी सहमति देने से इंकार कर दिया है। जबकि कंपनी के 85.94 फीसदी शेयरधारकों और असुरक्षित ऋणदाताओं में से 78.22 फीसदी ने रिलायंस के साथ इस विलय के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। लेकिन सुरक्षित ऋण देने वाले कर्जदाताओं ने विलय के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। लिहाजा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने फ्यूचर ग्रुप के साथ हुए इस डील को रद्द कर दिया है।