Independence Day: आजादी बचाने बाइक पर निकले किसान

Farmers Protest: PM Modi सरकार के अध्यादेश किसानों के लिए गुलामी का प्रतीक, पंजाब और हरियाणा के किसानों का बाइक पर विरोध प्रदर्शन

Updated: Aug 15, 2020 09:48 PM IST

Independence Day: आजादी बचाने बाइक पर निकले किसान

चंडीगढ़। केंद्र सरकार के कृषि संबंधी नीतियों से देश भर के किसान नाराज़ चल रहे हैं। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंजाब और हरियाणा के किसानों ने काला दिवस मनाने का फैसला किया था। राज्यों के किसानों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध मोटर साइकिलों से मार्च भी निकाला। किसानों का आरोप है कि केंद्र सरकार अपनी नीतियों द्वारा किसानों का दमन करने पर उतारू हो गई है।

दरअसल किसान केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए बिजली संशोधन बिल से खासे नाराज़ चल रहे हैं। बिजली संशोधन बिल के लागू होने से किसानों को मिलने वाली सब्सिडी की बजाय पूरे दाम चुकाने होंगे। क्रॉस सब्सिडी के इस प्रावधान से आर्थिक तौर पर अक्षम किसानों के सामने कर्ज़ से डूबने की परिस्थितियां निर्मित हो जाएंगी। इसके साथ ही देश भर में किसानों की आत्महत्याएं, तथा फसलों को उचित एमएसपी न दिए जाने का विरोध भी किसान कर रहे हैं।

अध्यादेशों की कॉपी जलाई 
केंद्र सरकार की ओर से कृषि सम्बन्धी अध्यादेशों के खिलाफ आजादी के दिन पंजाब हरियाणा के किसान सड़कों पर उतरे हैं। पंजाब और हरियाणा में किसान आज का दिन काला दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के सदस्य राजेवाल के आह्वान पर आज मोटर साइकिल में काली पट्टी बांध कर किसानों ने रैली निकाली। साथ ही किसानों ने अध्यादेशों की कॉपी को भी आग के हवाले कर दिया।

वहीं हरियाणा में भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह के नेतृत्व में केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे है किसानों ने हरियाणा के शाहबाद से मोटरसाइकिल पर काले झंडों के साथ कुरुक्षेत्र तक मार्च निकाला।

तो वहीं दूसरी तरफ आजादी के मौके पर भारतीय किसान यूनियन संघर्ष कमेटी की ओर से गांव गाँव मे केंद्र सरकार के पुतले फूंके गए।किसानों का आरोप है कि आजादी मिलने के इतने सालों बाद भी अभी भी किसानों को आर्थिक तौर से गुलाम बनाया गया है। कृषि अध्यादेशों को लाकर निजीकरण पर मोदी सरकार जोर दे रही है। बिजली संशोधन बिल का भी किसानों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। किसानों की धान ओर गेहूं की खरीद बन्द कर दी जाएगी। इन सब का विरोध करते हुए आज किसान केंद्र सरकार की नीतियों के चलते इसे काली आजादी के रूप में बना रहे हैं।