Kisan Dandi Yatra: किसानों की मांगों को लेकर हरदा से भोपाल तक किसान दांडी यात्रा

Kisan Congress: किसानों की 8 सूत्रीय मांगों को लेकर हरदा जिला कांग्रेस कमेटी निकाल रही पद यात्रा, हरदा से भोपाल तक पैदल आ रहे किसान

Updated: Sep 09, 2020 08:54 PM IST

Kisan Dandi Yatra: किसानों की मांगों को लेकर हरदा से भोपाल तक किसान दांडी यात्रा

भोपाल। हरदा जिला कांग्रेस कमेटी किसानों की कई मांगों को लेकर हरदा से भोपाल तक पैदल यात्रा कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि पूरे प्रदेश में फसल खराब हो रही है, किसान परेशानी है, लेकिन प्रदेश के किसानों को राहत नहीं मिल रही है। प्रदेश की शिवराज सरकार मौन बैठी है। किसानों की संयम खत्म हो रहा है। प्रदेश में किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हैं। लेकिन सरकार किसानों की कोई मदद नहीं कर रही है।

किसानों कीमांगों को लेकर कांग्रेस की किसान दांडी यात्रा हरदा के घंटाघर चौक से शुरू हुई। इस किसान दांड़ी यात्रा का समापन भोपाल में होगा। दांडी यात्रा में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस नेता शामिल हैं।

किसानों की मांग है कि सरकार कृषि और किसानों के लिए लाए गए किसान विरोधी अध्यादेश वापस ले। सभी फसलों के समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाए। साल 2019 के नुकसाना की 75% बकाया राहत राशि का भुगतान किया जाए और फसलों का मूल्य का अंतर भुगतान राशि और कार्ज माफी के साथ गेहूं का बोनस प्रदान किया जाए प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसल के नुकसान की भरपाई हो, इसके लिए आरबीसी 64 के तहत 40 हजार प्रति हेक्टेयर राहत राशि मिले, वहीं समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी नहीं होने पर किसानों को भावांतर की राशि का भुगतान हो।

किसानों के मिले अमानक खाद बीज के कारण हुए नुकसान की भरपाई हो और संबंधित कंपनियों पर कार्रवाई हो। प्रदेश में गोशाला में गायों के खर्च पर कटौती का निर्णय वापस लिया जाए, मवेशियों से फसल बचाव के लिए कदम उठाए जाएं। हरदा जिले के चौकड़ी सोसाइटी में चना खरीदी में हुए घोटाले की जांच हो,  दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, किसानों का भुगतान शीघ्र किया जाए, वहीं किसानों के चने की गुणवत्ता की जांच संगठन के सामने हो। इस साल जिन किसानों का प्रीमियम सभी बैंकों ने काटा है, उनके खातों में पूरी राशि बिना एरिया फैक्टर के दी जाएं।

किसान कांग्रेस

वर्षा के कारण मूंग फसल को हुए नुकसान सोयाबीन फसल की बुवाई नहीं होने से नुकसान वह बुवाई के बाद खराब हुई फसल की भरपाई RBC 6-4 के तहत की जाएं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के द्वारा सहकारी समिति के माध्यम से किसानों को नगद दिया जाए।