कैंसर खत्म करने में वैज्ञानिकों को पहली बार मिली सफलता, ड्रग ट्रायल के मिले आश्चर्यजनक नतीजे 

लैब में विकसित डोस्टारलिमैब दवा का कैंसर रोगियों पर किया गया था परीक्षण, दवा का मरीजों पर 6 महीने तक चला ट्रायल  

Updated: Jun 08, 2022, 10:51 AM IST

कैंसर खत्म करने में वैज्ञानिकों को पहली बार मिली सफलता, ड्रग ट्रायल के मिले आश्चर्यजनक नतीजे 

नई दिल्ली। 
जानलेवा बिमारी कैंसर से जूझ रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। एक दवा के कैंसर रोगियों पर ट्रायल के शानदार नतीजे मिले हैं। मलाशय के कैंसर से जूझ रहे लोगों के एक छोटे समूह पर जब इस दवा का 6 महीने तक ट्रायल किया गया तो सभी रोगियों के शरीर से कैंसर गायब हो गया। मलाशय के कैंसर से पीड़ित 18 मरीजों को 6 महीने तक डोस्टारलिमैब नामक दवा दी गई और इसके परिणाम आश्चर्यचकित करने वाले मिले। ये दवा लेने वाले सभी मरीजों के शरीर से कैंसर ट्यूमर ग़ायब हो गया। मरीजों पर ये ड्रग ट्रायल अमेरिका के मैनहट्टन में मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर में किया गया। 

डोस्टारलिमैब लैब में विकसित की गई एक दवा है, जो मनुष्य के शरीर में एक Substitute एंटीबाडी के रूप में काम करती है।  मलाशय के कैंसर से जूझ रहे 18 लोगों को 6 महीने तक यहॉ दवा दी गई। मरीजों को दिए गए इस उपचार के परिणाम बेहद सुखद रहे। कैंसर पीड़ित सभी मरीजों का एंडोस्कोपी, पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी या पीईटी स्कैन या एमआरआई स्कैन करने पर पता चला कि उनके शरीर से कैंसर पूरी तरह गायब हो गया है। 
ड्रग ट्रायल के दौरान सभी रोगियों को हर तीन सप्ताह में डोस्टारलिमैब दवा की खुराक दी गई। इन सभी मरीजों में कैंसर लगभग समान स्टेज में था। कैंसर मलाशय में तो विकसित हो गया था पर अन्य अंगों तक अभी नहीं पहुंचा था। 
जबकि इस ड्रग ट्रायल से पहले इन्हीं 18 मरीजों को अपने कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी, रेडिएशन और अन्य तकलीफदेह सर्जरी से गुजरना पड़ रहा था और इसके परिणाम भी नहीं मिल रहे थे।इसके बाद ये 18 मरीज ड्रग ट्रायल के लिए तैयार हुए। ट्रायल के सुखद नतीजों के बाद अब उनको किसी तरह के इलाज की कोई आवश्यकता नहीं है। कैंसर के विरुद्ध ड्रग ट्रायल के बेहतरीन परिणाम मिलने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। सबसे अच्छी बात ये रही की ड्रग ट्रायल के दौरान किसी मरीज को किसी तरह की जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़ा। कैंसर विशेषज्ञों की ये नई स्टडी अमेरिकन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत की गई है।