यूरोप में तेजी से पैर पसार रहा मंकीपॉक्स, अब तक 100 से अधिक मरीज मिले, भारत में भी एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों पर निगरानी बढ़ी 

मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की इमरजेंसी बैठक, भारत में भी सतर्कता बढ़ाई, संदिग्ध नमूनों को एकत्र कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजने के निर्देश

Updated: May 29, 2022, 09:29 AM IST

यूरोप में तेजी से पैर पसार रहा मंकीपॉक्स, अब तक 100 से अधिक मरीज मिले, भारत में भी एयरपोर्ट्स और बंदरगाहों पर निगरानी बढ़ी 

नई दिल्ली। 
कोरोना महामारी के बाद यूरोपीय देशों में मंकीपॉक्स का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। अब तक यूरोप के 9 देशों में मंकीपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं। मंकीपॉक्स तेजी से अपने पैर पसार रहा है। यूरोप में करीब 100 लोगों में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है। बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम के साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी मंकीपॉक्स के मरीज मिले हैं। स्पेन में शुक्रवार को मंकीपॉक्स के 24 नए मामले दर्ज किये गए हैं। भारत ने भी यूरोप और अमेरिका में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए एयरपोर्ट्स और पोर्ट्स पर निगरानी बढ़ा दी है। 

भारत सरकार ने मंकीपॉक्स से संबंधित लक्षण दिखने पर यूरोप और अफ़्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की पहचान करने और उनके नमूने एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। इन नमूनों को जाँच के लिए प्रयोगशाला में भेजने को कहा गया है। वहीँ मंकीपॉक्स के संदिग्ध मामलों के नमूने जाँच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। 
यूरोपीय देशों में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को एक इमरजेंसी बैठक भी की। बैठक में मंकीपॉक्स के बढ़ रहे मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई और मंकीपॉक्स को महामारी घोषित करने पर भी विचार किया गया। 
बता दें कि यूरोप में मंकीपॉक्स का पहला मामला 7 मई को सामने आया था। हालांकि जानवरों में फैलने वाली इस बीमारी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बहुत गंभीर नहीं मान रहे हैं। विशेषज्ञों  का मानना है कि मंकीपॉक्स का दौर कोरोना की तरह लबा खींचने वाला नहीं है। इस वायरस का संक्रमण भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी से नहीं होता है। इस वायरस के चपेट में आने वाले व्यक्ति में बुखार, दर्द और थकावट की शिकायत होती है। मंकीपॉक्स शुरुआत में चेचक या खसरे जैसा दिखता है। 2 से 3 बाद इसका त्वचा पर असर नजर आता है। हाथ-पैर, हथेली, पैर के तलवे और चेहरे पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं। ये दाने घाव जैसे दिखते हैं।