सुविधाओं के अभाव में MP की 10,630 बेटियों ने स्कूल छोड़ा, सीएम राईज स्कूल राजनैतिक छलावा: कांग्रेस

सीएम चौहान ने 2 हजार 519 करोड़ की लागत के 69 सीएम राइज स्कूलों का भूमिपूजन किया, कांग्रेस ने बताया राजनीतिक छलावा

Updated: Oct 29, 2022, 05:57 PM IST

सुविधाओं के अभाव में MP की 10,630 बेटियों ने स्कूल छोड़ा, सीएम राईज स्कूल राजनैतिक छलावा: कांग्रेस

इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को 69 सीएम राइज स्कूलों का भूमिपूजन किया। सीएम चौहान ने बताया कि इन स्कूलों के निर्माण पर 2519 करोड़ रुपये सरकार खर्च करेगी। हालांकि, कांग्रेस ने इसे राजनीतिक छलावा करार दिया है। कांग्रेस ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि सुविधाओं के अभाव में प्रदेश की 10 हजार 630 बेटियों ने स्कूल छोड़ा।

प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने सीएम राइज स्कूलों में विश्व स्तरीय सुविधाएं जुटाने के दावों को महज राजनैतिक छलावा बताते हुए कहा कि जिस प्रदेश में बुनियादी सुविधाएं जैसे टायलेट, लेब और लायब्रेरी के अभाव में 10,630 बेटियों ने स्कूल छोड़ दिये हैं, प्रदेश की बेटियों द्वारा स्कूल छोड़ने के मामले में देश में पांचवे पायदान पर है, वहां इस तरह का झूठ परोसना राजनैतिक धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

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केके मिश्रा ने कहा कि, 'प्रदेश में 22 हजार स्कूल मात्र एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, वहीं प्रदेश में 90 हजार शिक्षकों की कमी है, सुरक्षा के लिए चौकादारों का अभाव है, 2762 कन्या स्कूलों में उपयोग करने लायक टायलेट नहीं हैं, मासिक धर्म के दौरान वितरित करने के लिए सेनेटरी पेड की उचित व्यवस्था नहीं है। राजधानी भोपाल में ही 538 स्कूलों में विद्युत व्यवस्था नहीं है. 616 स्कूलों में क्लास रूम जर्जर हैं। मुरैना और आदिवासी बाहुल्य धार, बड़वानी, अलीराजपुर में भी क्रमशः यही हालात हैं। जहां मुरैना में 1890, बड़वानी में 2344, धार में 2253 और अलीराजपुर में 2058 सरकारी स्कूल विद्युत विहीन है, जहां जर्जर क्लास रूम, टायलेट, हेड वाशिंग यूनिट और पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है।'

मिश्रा ने सीएम चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि इन स्थितियों में सिर्फ पुरानी बिल्डिंग की साज-सज्जा कर सरकार विश्व स्तरीय सीएम राईज स्कूल खोलने के झूठे शब्जबाग दिखा रही है। यह तो वैसा ही मजाक प्रतीत होता है, जैसे मध्य प्रदेश की सड़कें वॉशिंगटन से भी बेहतर हैं। विधानसभा चुनाव में सिर्फ 11 महीने शेष हैं इसलिए सरकार जल्दबाजी के मूड में है। जो सरकार 18 सालों में इस दिशा में कुछ नहीं कर पायी हो, वह 11 महीनों में क्या कर लेगी?'