सागर में डेढ़ लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया PHE का अधिकारी, बिल पास करने मांगा था 3 फीसदी कमीशन
सागर में PHE विभाग के अधीक्षण यंत्री एसएल बाथम को लोकायुक्त ने डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। ठेकेदार से अधूरे नल-जल कार्य शुरू कराने और पुराने बिल भुगतान के बदले छह लाख मांगे थे।
सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने खंड सागर के अधीक्षण यंत्री एसएल बाथम को ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी अधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्यों को दोबारा शुरू कराने और पुराने बिलों का भुगतान कराने के बदले कुल 6 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये लेते समय लोकायुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
यह मामला तब सामने आया जब बिहार निवासी ठेकेदार शैलेष कुमार ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शैलेष कुमार ने सागर और केसली विकासखंड के ग्रामों में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन और पानी की टंकी निर्माण का ठेका लिया था। वे बीते 2022 से इस परियोजना पर काम कर रहे हैं। शासन द्वारा कराए गए पुनर्निरीक्षण में कुछ कार्य अधूरे पाए गए थे जिन्हें पूरा करने के लिए राशि भी स्वीकृत की गई थी।
ठेकेदार शैलेष अधूरे काम को पूरा करने के आदेश जारी कराने और पहले से लंबित बिलों का भुगतान करवाने के लिए PHE कार्यालय सागर पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात अधीक्षण यंत्री एसएल बाथम से हुई। आरोप है कि बाथम ने कुल स्वीकृत राशि का करीब साढ़े तीन प्रतिशत यानी 6 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत न देने पर काम का आदेश और भुगतान रोके जाने का दबाव बनाया गया।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर ठेकेदार ने लोकायुक्त एसपी कार्यालय सागर में शिकायत की। शिकायत की जांच की गई जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाने की योजना बनाई और बुधवार को ट्रैप टीम गठित की गई। ठेकेदार को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये के साथ भेजा गया।
कार्रवाई के दौरान ठेकेदार जब PHE कार्यालय पहुंचा और अधीक्षण यंत्री से मिला तो आरोपी अधिकारी ने सीधे पैसे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने ड्राइवर फूल सिंह यादव को बुलाया और ठेकेदार को गाड़ी में ले जाकर रिश्वत की राशि देने के निर्देश दिए। जैसे ही ठेकेदार ने कार में डेढ़ लाख रुपये ड्राइवर को सौंपे वैसे ही पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर ड्राइवर को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह उईके ने बताया कि अधीक्षण यंत्री एसएल बाथम ने अधूरे कार्यों के आदेश जारी कराने और पुराने बिलों के भुगतान के एवज में 6 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। पहली किस्त लेते समय आरोपी अधिकारी और उनके ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।




