अमरकंटक विश्वविद्यालय में हॉस्टल आवंटन को लेकर बवाल, धार्मिक आधार पर भेदभाव के आरोप
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में सोन रिसर्च हॉस्टल के कमरों के आवंटन को लेकर विवाद गहरा गया है। छात्रों ने अनियमितता, भेदभाव और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
अमरकंटक। मध्य प्रदेश के अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में इन दिनों माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। सोन रिसर्च हॉस्टल में कमरों के आवंटन को लेकर छात्रों ने गंभीर अनियमितताओं और भेदभाव के आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि अक्टूबर 2025 में फीस जमा करने के बाद भी उन्हें दिए गए कमरे अचानक रद्द कर दिए गए हैं।
मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए वार्डन की नियुक्ति के बाद हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया। छात्रों का आरोप है कि कुल 56 सीटों में से केवल 5 सीटें ही सामान्य और ओबीसी वर्ग के छात्रों को दी गई हैं। जिसे वे स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण और असंतुलित निर्णय मान रहे हैं। इस फैसले ने कैंपस में असंतोष को और बढ़ा दिया है।
विवाद का सबसे गंभीर पहलू धर्म से जुड़े आरोप हैं। कुछ छात्रों का दावा है कि एक वार्डन ने संकेत दिया कि ईसाई धर्म अपनाने वाले छात्रों को हॉस्टल आवंटन में प्राथमिकता मिल सकती है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़े करता है बल्कि संवैधानिक मूल्यों के भी खिलाफ माना जाएगा।
इसके अलावा छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि हिंदू नव वर्ष की रैली में शामिल होने वाले कुछ छात्रों को निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं के बाद छात्रों में असुरक्षा और भेदभाव की भावना बढ़ी है।
नाराज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए हॉस्टल अधीक्षक के आवास का घेराव किया और हनुमान चालीसा का पाठ कर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों का कहना है कि प्रशासन अब निष्पक्ष नहीं रहा है और इससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
छात्रों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि यह सिर्फ हॉस्टल आवंटन का मुद्दा नहीं, बल्कि समानता, निष्पक्षता और अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है।




