भोपाल में कोरोना मृतक को नहीं था कोई लक्षण, दोनों डोज़ लगवाने के बावजूद हुई मौत

कोरोना मृतक की उम्र 62 वर्ष थी, वे हार्ट की बीमारी से पीड़ित थे, उनके सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिये दिल्ली भेजा जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि वे ओमिक्रोन से संक्रमित थे या नहीं

Publish: Dec 28, 2021, 06:27 PM IST

भोपाल में कोरोना मृतक को नहीं था कोई लक्षण, दोनों डोज़ लगवाने के बावजूद हुई मौत
प्रतीकात्मक तस्वीर

भोपाल।  मध्य प्रदेश में ओमिक्रोन के खतरे के बीच राजधानी भोपाल में एक 62 वर्षीय बुज़ुर्ग की मौत हो गयी। कोरोना मृतक के बारे में मीडिया में अब धीरे-धीरे जानकारी सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना के कारण ज़िंदगी की जंग हारने वाले बुज़ुर्ग को कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। लिहाज़ा अब उनके सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिये दिल्ली भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।  

कोरोना मृतक राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में रहते थे। वे रेलवे कोच फैक्ट्री में कार्यरत थे। दो साल पहले ही वे रिटायर हुए थे। मृतक के बारे में बताया जा रहा है कि न तो उनमें कोरोना के लक्षण थे वहीं वे वैक्सीन की दोनों डोज़ भी ले चुके थे। लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत हो गयी। हालांकि बुज़ुर्ग के बारे में बताया जा रहा है कि वे हार्ट की बीमारी से भी पीड़ित थे। एक वर्ष पहले ही उन्हें हार्ट की बीमारी हुई थी।  

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रिपोर्ट्स के मुताबिक 24 तारीख को उनके सीने में हल्का दर्द हुआ था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल ले जाने पर इलाज के दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल 70 पर पहुँच गया। वहीं इलाज शुरु होने के एक घंटे भीतर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। राजधानी भोपाल में कोरोना के कारण मरने वाले लोगों की संख्या भी 1005 हो गयी है।  

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प्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच ओमिक्रोन की दहशत भी फैल गयी है। इंदौर में अब तक ओमिक्रोन के 9 मामले दर्ज किये जा चुके हैं। जिसके बाद से ही नये वेरिएंट के अन्य जगहों पर भी फैलने की आशंका जताई जा रही है। वहीं मध्य प्रदेश में ओमिक्रोन की पुष्टि में हो रही लेटलतीफी ने भी चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक प्रदेश से कुल 259 सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिये भेजे गये हैं। जिनमें महज़ 27 सैंपल की रिपोर्ट ही मिल पायी है। मध्य प्रदेश सरकार के पास ओमिक्रोन संक्रमण का पता लगाने के लिये अपनी मशीन नहीं है। हालांकि चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का दावा है कि जनवरी के अगले हफ्ते तक मध्य प्रदेश सरकार को ओमिक्रोन जांचने वाली मशीन उपलब्ध हो जायेगी।