कद्दावर नेता सतीश सिंह सिकरवार जल्द हो सकते हैं कांग्रेस के रथ पर सवार

MP Congress: ग्वालियर-चंबल के वरिष्ठ भाजपा नेता थाम सकते हैं कांग्रेस का दामन, हजारों कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष होंगे कांग्रेस में शामिल

Updated: Sep 08, 2020 12:22 AM IST

कद्दावर नेता सतीश सिंह सिकरवार जल्द हो सकते हैं कांग्रेस के रथ पर सवार

ग्वालियर। मध्यप्रदेश उपचुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा को बडा झटका लग सकता है। खबर है कि ग्वालियर पूर्व विधानसभा से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी रहे सतीश सिंह सिकरवार जल्द कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि वे जल्द अपने हजारों समर्थकों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं।

इस खबर के चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों में हलचल पैदा हो गयी है। सतीश सिंह सिकरवार ग्वालियर चंबल के कद्दावर नेता माने जाते  हैं। ऐसे में भाजपा हरगिज़ नहीं चाहेगी कि सतीश सिकरवार जैसा कद्दावर नेता उनके पाले से छिटक जाये। वे 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस के प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल से हार गये थे। मुन्नालाल गोयल उन 27 बागी विधायकों में से एक हैं, जिन्होंने कांग्रेस छोडकर भाजपा का दामन थाम लिया था ।

आपको बता दें सतीश सिकरवार चंबल के बडे़ राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखते हैं। सतीश सिकरवार के पिता गजराज सिंह भी भाजपा से विधायक रह चुके हैं। वहीं उनके चाचा वृंदावन सिकरवार चंबल के बडे़ नेता माने जाते है। सतीश सिकरवार के भाई सत्यपाल सिकरवार भी सुमावली से विधायक रह चुके हैं।

ऐसे में उनका परिवार पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में राजनीतिक हस्ताक्षेप रखता है। पिछले कुछ दिनों से भाजपा में उनका तिरस्कार हो रहा था वहीं सिंधिया के भाजपा में आ जाने से सतीश सिकरवार नाराज थे । जिसकी वजह से वे पाला बदलने की तैयारी में हैं। उनका कांग्रेस में आना कांग्रेस पार्टी के लिये संजीवनी से कम नहीं है।

यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वे ग्वालियर पूर्व विधानसभ सीट से कांग्रेस के प्रत्यासी बनाये जा सकते हैं। सिकरवार इन दिनों भोपाल में डेरा जमाए हैं। इसलिए भी इन कयासों को हवा मिल रही है।