बीजेपी राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, शिक्षक भर्ती में रोस्टर सिस्टम को कहा विसंगतिपूर्ण

सांसद डाक्टर सुमेर सिंह सोलंकी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को लिखा पत्र, माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-2 वर्ष 2018 में रिक्त पदों के वितरण में संशोधन की मांग, पदों में बढ़ोतरी कर बैकलॉग पदों की भर्ती करने को कहा

Updated: Jul 05, 2021, 02:46 PM IST

बीजेपी राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, शिक्षक भर्ती में रोस्टर सिस्टम को कहा विसंगतिपूर्ण
Photo Courtesy: Bhaskar

भोपाल। प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा गर्माया हुआ है। तीन साल से परीक्षा होने के बाद भी अब तक पोस्टिंग नहीं मिलने से जहां परीक्षा पास किए बैठे उम्मीदवारों ज्वाइंनिग की बाट जोह रहे हैं। वहीं अब उन्हों बीजेपी राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी का साथ भी मिल गया है। सुमेर सिंह सोलंकी ने अब इस मुद्दे पर अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी सांसद ने मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र लिखा है। उन्होंने माध्यमिक शिक्षक वर्ग की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में रोस्टर सिस्टम को विसंगतिपूर्ण बताया।

राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने लिखा कि बड़वानी जिले के बेरोजगार आदिवासी ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग 2 वर्ष 2018 में विज्ञान, हिंदी, सामाजिक विज्ञान विषयों के पदों में बढ़ोतरी कर बैकलॉग पदों की भर्ती हो। साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग के पोर्टल पर जारी रोस्टर और खाली पदों की भर्ती प्रक्रिया को विसंगतिपूर्ण बताया है। सांसद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि माध्यमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-2 वर्ष 2018 में रिक्त पदों के वितरण में पुनः संशोधन किया जाए। यह पत्र बीजेपी सांसद सुमेर सिंह सोलंकी ने 22 जून को लिखा था, जो की अब वायरल हो रहा है।

 मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में राज्यसभा सांसद ने कई विसंगतियों को उजागर किया है। उन्होंने लिखा है कि कई विषयों में जितने पद नहीं है, उससे ज्यादा लोगों ने परीक्षा पास की है। वहीं कुछ विषयों में पद तो ज्यादा हैं लेकिन उतने उम्मीदवारों ने परीक्षा में सफलता नहीं पाई है।

 

 सांसद ने उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की संख्या खाली पदों से ज्यादा होने और कुछ विषयों में पदों की तुलना में सफल अभ्यर्थियों की संख्या कम होने को न्यायोचित नहीं बताया गया है। उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग द्वारा बनाये गए जिलेवार रोस्टर के अनुसार बैकलॉग के पदों पर भर्ती करने की मांग की हैं। सुमेर सिंह सोलंकी ने लिखा है कि बड़वानी जिले के साथ-साथ अन्य जिलों के शिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थियों की मांग को दृष्टिगत रखते हुए विभाग को उचित निर्देश दिया जाए।

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दरअसल प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड मध्य प्रदेश ने शिक्षकों की भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा आयोजिक की थी, जिसे पास करने के बाद भी सफल उम्मीदवार तीन साल से नियुक्ति की बाट जोह रहे हैं। प्रदेशभर के हजारों उम्मीदवारों ने परीक्षा पास कर रखी है। माध्यमिक शिक्षकों के कुल पद 5704 पदों में भर्ती होनी है, जिसमे से हिंदी-348, अंग्रेजी-1940, सामाजिक विज्ञान-492, विज्ञान-446, गणित-1783, संस्कृत-695, पदो पर भर्तियां होनी हैं। वहीं प्रायमरी और हाईस्कूल के शिक्षकों की भी भर्ती प्रक्रिया अटकी हुई है, वेरीफिकेशन का काम कोरोना की वजह से धीमी रफ्तार से हो रहा है।