भोपाल के निजी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर धोखा, ग्वालियर के दो छात्रों से 12 लाख रुपए ऐंठे

भोपाल के निजी महावीर मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट दिलवाने के लिए आरोपियों ने किया था फोन, जनवरी में की थी फर्जी कांउसलिंग, कॉलेज प्रबंधन ने कहा 30 दिसंबर 2020 के बाद कॉलेज में नहीं हुए एडमीशन

Updated: Aug 13, 2021, 01:38 PM IST

भोपाल के निजी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर धोखा, ग्वालियर के दो छात्रों से 12 लाख रुपए ऐंठे
Photo Courtesy: lawctopus

भोपाल। लोगों को पैसों के दम पर डॉक्टर बनाने का सब्जबाग दिखाकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।  शातिर ठगों ने ग्वालियर के दो चचेरे भाइयों से भोपाल के निजी मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमीशन दिलाने के नाम पर 12 लाख रुपए ऐंठ लिए। छात्र ग्वालियर के रहने वाले थे, दो चचेरे भाइयों आर्यन सिंघल औऱ तनुज सिंघल ने 2020 की नीट परीक्षा पास की थी।

सरकारी कॉलेज नहीं मिलने के बाद वे किसी प्राइवेट कॉलजे में एडमीशन की तलाश में थे। तभी भोपाल के महावीर मेडिकल कॉलेज का प्रतिनिधि बन कर उन्हें फोन पर काउंसलिंग की गई। फिर आगे की कार्रवाई के लिए भोपाल बुलाया और फिर उनसे पैसे ऐंठ लिए। आरोपियों ने 12 लाख कैश और कुछ ब्लैंक चेक लिए थे। उन्होंने कहा था कि फीस के अलावा 6-6 लाख रुपए एक्स्ट्रा पेमेंट करना पड़ेगा। भोपाल में कॉलेज कैंपस में सारी फर्जी कार्रवाई के बाद भी बहुत दिनों तक एडमीशन नहीं दिया।

इसके बाद छात्रों को अपने साथ हुई ठगी का पता चला। तब जाकर उनके परिजनों ने ग्वालियर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद केस की डायरी भोपाल की गांधी नगर पुलिस को सौंप दी गई।

भोपाल की गांधी नगर पुलिस के मुताबिक फरियादी नया सराफा, दानाओली ग्वालियर निवासी पंकज कुमार सिंघल ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में कहा गया था कि उनके बेटे आर्यन और भतीजे तनुज ने नीट परीक्षा पास की थी। जिसके बाद उन्हें महावीर मेडिकल कॉलेज भोपाल से फोन करके एडमीशन के लिए बुलाया गया था। धोखेबाजों ने अपने नाम रितेश औऱ राहुल बताया था। कालेज में रितेश ने ही काउंसिलिंग रूम में राहुल से दोनों छात्रों को मिलवाया था।

जिसके बाद एडमीशन प्रोसेस के तौर पर कागजी कार्रवाई हुई, फर्जी डाक्युमेंट वेरिफिकेशन के बाद 12 लाख रुपए और 11 ब्लैंक चेक ले लिए गए। शातिर आऱोपियों ने यह पूरा कारनामा कालेज के काउंसलिंग रूम में लिया। माना जा रहा है कि इस सब में कॉलेज के किसी कर्मचारी की मिली भगत हो सकती है। जिसने आरोपियों को काउंसलिंग रूम यूज करने दिया।

जब जनवरी में पैसे लेने के बाद भी छात्रों को मेडिकल कॉलेज में एडमीशन नहीं मिला तो उन्हें शक हुआ। फरियादी छात्रों ने कालेज प्रबंधन से इस बारे में बात की तो पता चला की राहुल और रितेश नाम के कोई कर्मचारी उनके कॉलेज में नहीं हैं। दोनों छात्रों ने मामले की शिकायत ग्वालियर के हुजरात कोतवाली थाना पुलिस से की। जिसके बाद पुलिस ने जीरो पर केस दर्ज कर इस मामले की डायरी भोपाल भेज दी। अब गांधी नगर पुलिस इसकी जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि मध्यप्रदेश में 31 दिसंबर 2020 के बाद से एडमीशन नहीं हुए हैं। वहीं इस साल की नीट परीक्षा 12 सितंबर को होने जा रही है।