कांग्रेस ने लॉन्च किया छात्रों की गूंज अभियान, पेपर लीक और NTA की नाकामी के खिलाफ देशव्यापी कैंपेन

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बताया कि यह अभियान उन छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है जिनकी मेहनत बार बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, रिजल्ट में देरी, भर्ती अटकने और एनटीए की नाकामी के कारण बर्बाद हो रही है।

Updated: Jun 25, 2026, 03:06 PM IST

भोपाल। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी "छात्रों की की गूंज" अभियान का शुभारंभ किया। यह 40 दिनों का अभियान देश के 28 प्रमुख शहरों में छात्रों, अभ्यर्थियों, कोचिंग हब, कॉलेज कैंपस, पुस्तकालयों और युवा समूहों के बीच चलाया जाएगा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और NSUI के राष्ट्रीय सह प्रभारी अंशुल त्रिवेदी ने प्रेस वार्ता को संबोधित कर इस कैंपेन की जानकारी दी।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने बताया कि यह अभियान उन छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों की आवाज है जिनकी मेहनत बार बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, रिजल्ट में देरी, भर्ती अटकने और एनटीए की नाकामी के कारण बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि छात्र कोई एहसान नहीं मांग रहे। वे सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा और तय समय पर भर्ती मांग रहे हैं।

मसूद ने कहा कि नीट यूजी 2026 ने परीक्षा व्यवस्था पर भरोसे का संकट और गहरा किया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को पारदर्शिता और सुधार के नाम भारत के छात्रों पर थोपा था, लेकिन यह संस्था आज करोड़ों छात्रों के लिए National Trauma Agency बन चुकी है। देशभर में पिछले वर्षों में लगभग 89 से अधिक पेपर लीक और परीक्षा घोटाले सामने आए, लेकिन आज तक किसी बड़े सरगना, राजनीतिक संरक्षण देने वाले व्यक्ति या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ। गिरफ्तार हुए तो सिर्फ छोटे दलाल और मोहरे, जबकि असली किंगपिन और भाजपाई संरक्षक हमेशा बचते रहे।

इस दौरान NSUI के राष्ट्रीय सह प्रभारी अंशुल त्रिवेदी ने कहा कि NEET UG 2026 का पेपर लीक इस सड़ चुकी व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है। लाखों छात्रों ने वर्षों की मेहनत, करोड़ों परिवारों ने अपनी जीव जीवन भर की कमाई दांव पर लगाई, लेकिन परीक्षा फिर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। इस घोटाले के बाद देशभर में 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली। कई छात्रों ने अपने सुसाइड नोट में व्यवस्था से टूटने और भविष्य के अंधकार का उल्लेख किया।
फिर भी देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने न तो नैतिक जिम्मेदारी ली और न ही इस्तीफा दिया।

त्रिवेदी ने कहा कि हाल में ही एक मीडिया इंटरव्यू पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्वयं स्वीकार किया कि "छात्रों की आत्महत्या के लिए मै जिम्मेदार हूँ, ये व्यवस्था हमनें ही छात्रों को दी"" जब जिम्मेदारी स्वीकार कर ली गई, तो फिर इस्तीफा क्यों नहीं? अगर 20 से अधिक छात्रों की मौत, लाखों युवाओं का भविष्य और पूरे देश का भरोसा टूटना भी किसी मंत्री को पद छोड़ने के लिए मजबूर नहीं करता, तो जवाबदेही का अर्थ क्या रह जाता है? सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पूरे मुद्दे पर एक शब्द बोलना जरूरी नहीं समझा। जब छात्र सड़कों पर हैं, परिवार बर्बाद हो रहे हैं, आत्महत्याएं हो रही हैं और परीक्षाएं मज़ाक बन चुकी हैं, तब सत्ता की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि युवाओं की पीड़ा उनकी प्राथमिकता नहीं है।

त्रिवेदी ने आगे कहा कि यह लड़ाई केवल NEET की नहीं है। यह लड़ाई उस पूरी शिक्षा व्यवस्था को बचाने की है जो आज। CU में पहुंच चुकी है। पेपर लीक, भर्ती घोटाले, खाली पद, महंगी कोचिंग व्यवस्था, लगातार टलती परीक्षाएं और बेरोजगारी ने युवाओं का विश्वास तोड़ दिया है। देश का सबसे युवा आज सबसे ज्यादा असुरक्षित भविष्य का सामना कर रहा है।

कांग्रेस की तीन मांगें

1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों, अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण से उनके संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच हो ।

2. पूरी परीक्षा व्यवस्था का ओवरहॉल हो. एनटीए, पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट, परीक्षा केंद्र, डिजिटल सिस्टम और वेंडर कॉन्ट्रैक्ट की जांच हो और हर चरण को सुरक्षित किया जाए ।

3. तय वार्षिक परीक्षा और भर्ती कैलेंडर लागू हो. परीक्षा तिथि, रिजल्ट तिथि और नियुक्ति समयसीमा पहले से घोषित हों और उनका सख्ती से पालन हो ।

छात्रों की गूंज अभियान

30 जून से 28 शहरों में पर्चा वितरण, नुक्कड़ बैठक और छात्र संपर्क अभियान 

जुलाई महीने में साप्ताहिक कार्यक्रम, कैंपस संपर्क और अंबेडकर संवाद।

1 अगस्त 2026 को सभी 28 शहरों में कलेक्टरेट घेराव।

9 अगस्त 2026: 'दिल्ली चलो' के साथ अभियान के प्रथम चरण का समापन, जिसमें देशभर के छात्र एकजुट होकर अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाएंगे।

कांग्रेस पार्टी ने छात्रों की गूंज आंदोलन के तहत छात्रों से जुड़ने की अपील की है, जिसके तहत एक मिस्ड कॉल नंबर -9873036161 जारी किया गया है साथ ही छात्रों से www.chhatronkigoonj.in पर जाकर रजिस्टर करने की अपील की गयी है।

देश के 28 शहरों में चल रहे इस जनांदोलन से जुड़कर अपने शहर में "छात्रों की गूंज" चैप्टर का हिस्सा बन सकते है। क्योंकि ये लड़ाई अब राजनैतिक नहीं बल्कि युवा भारत के सपनों को बचाने का छात्र आंदोलन है।