अवैध शराब के धंधे में बीजेपी नेताओं के नाम आने पर कांग्रेस ने पूछा, मुख्यमंत्री जी कहां है 10 फीट का गड्ढा

एमपी में अवैध शराब के धंधे में बैराढ़ के बीजेपी नेता मनीष अग्रवाल पर केस दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने पूछा, शराब माफ़िया को 10 फ़ीट गाड़ने के सीएम के एलान का क्या हुआ

Updated: Jan 16, 2021, 02:15 PM IST

अवैध शराब के धंधे में बीजेपी नेताओं के नाम आने पर कांग्रेस ने पूछा, मुख्यमंत्री जी कहां है 10 फीट का गड्ढा
Photo Courtesy: Patrika

भोपाल। मुरैना में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत के बाद अवैध शराब माफिया के खिलाफ हो रही कार्रवाई में एक के बाद एक स्थानीय बीजेपी नेताओं के नाम आने पर कांग्रेस ने तीखा हमला किया है। कांग्रेस ने पूछा है कि बीजेपी नेताओं की संलिप्तता सामने आने के बाद प्रदेश में माफिया को ज़मीन में दस फीस नीचे गाड़ देने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एलान का क्या हुआ? 

अवैध शराब के धंधे में शामिल होने के आरोप में पोहरी की बीजेपी महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष ललिता राजे पहले ही गिरफ्तार हो चुकी है। उसके बाद अब राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा के एक और करीबी बैराढ़ मंडल उपाध्यक्ष मनीष अग्रवाल पर भी मामला दर्ज होने की खबर है। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने इन दोनों मामलों का जिक्र करते हुए सीधे मुख्यमंत्री को घेरा है। उन्होंने ट्विटर के जरिए सवाल किया है कि माफियाओं पर कार्रवाई के लिए कहां है 10 फीट का गड्ढा?

दरअसल पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा था कि माफिया मध्य प्रदेश छोड़कर चले जाएं, वरना वे उन्हें जमीन में 10 फीट अंदर गाड़ देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि वे गड़बड़ी करने वाले को कतई नहीं छोड़ेंगे। जिसपर अब कांग्रेस ने तंज कसा है कि कई मामलों में बीजेपी नेताओं के नाम उजागर हो रहे हैं, उनके लिए कहां है 10 फीट का गड्ढा। उनपर सख्त एक्शन क्यों नहीं हो रहा है। 

दरअसल, मुरैना में जहरीली शराब से 24 लोगों के मरने के बाद भारी दबाव में आए प्रशासन ने इलाके में अवैध शराब का धंधा करने वालों पर दबिश देनी शुरू की तो बीजेपी नेताओं के नाम आने से एक नया सियासी तूफान खड़ा हो गया है। बुधवार को आबकारी पुलिस ने पोहरी में बीजेपी नेता और महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष ललिता राजे के घर से 34 लीटर जहरीली शराब बरामद की, जिसके बाद आबकारी पुलिस ने ललिता के खिलाफ धारा 34 व 49 के तहत गैर जमानती केस दर्ज करके जेल भेज दिया है।  

ऐसा ही दूसरा मामला बैराढ़ का है, जहां बीजेपी के मंडल उपाध्यक्ष मनीष अग्रवाल पर पुलिस ने 420,272-IPC (खाद्यान्न सुरक्षा एंव मानक अधिनियम 2006 की धारा 26(2) के तहत मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि मनीष अग्रवाल राज्यमंत्री सुरेश राठखेड़ा के करीबी हैं। अब कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने तंज कसते हुए मुख्यमंत्री को उनका वादा याद दिलाया है कि प्रदेश में अब माफिया और गड़बड़ी करने वालों की खैर नहीं होगी। कांग्रेस ने मुरैना में जहरीली शराब पीने की वजह से मारे गए 24 लोगों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की मांग की है।  साथ ही, कांग्रेस ने अपनी तरफ से एक जांच दल का गठन भी किया है।

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जहरीली शराब से 24 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने मुरैना के कलेक्टर अनुराग वर्मा और एसपी अनुराग सुजानिया को हटा दिया था। जबकि जौरा के एसडीओपी सुजीत भदौरिया और आबकारी उपनिरीक्षक दिनेश कुमार निगम समेत बागचीनी थाने के पूरे स्टाफ को निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग सक्रिय हुआ तो बीजेपी नेताओं के नाम सामने आने लगे। सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की कमेटी का गठन भी किया है। गृह विभाग के अपर सचिव डॉक्टर राजेश राजौरा इस समिति के प्रमुख हैं, जबकि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसाई मनोहर और उप पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश शुक्ला समिति के सदस्य हैं।