नौतपा में तपेगी धरती, आंधी बारिश के भी बन रहे योग

25 मई से 2 जून तक नौतपा लग रहा है। मौसम विभाग ने दिन का पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई है। प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है।

Updated: May 15, 2021, 07:03 PM IST

नौतपा में तपेगी धरती, आंधी बारिश के भी बन रहे योग
Photo courtesy: patrika

भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार नौ तपा खूब तपेगा। मौसम विभाग ने इसकी वजह साइक्लोन का जल्दी आना बताया है। इस बार 25 मई से 2 जून तक नौ तपा रहेगा। इतना ही नहीं बीते 10 साल में पहली बार औसत तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँचने की संभावना है। इन सालों में अधिकतम पारा अब तक 44 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंच पाया है। अगर ऐसा हुआ तो वर्ष 2012 के बाद पहली बार नौ तपा में इतनी गर्मी होगी। 


मौसम वैज्ञानिक पीके साहा के अनुसार इस बार 25 मई से 2 जून तक गर्मी ज्यादा रहेगी। शुरुआती दिनों में पारा 44 डिग्री तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि नौ तपा के समय अक्सर साइक्लोन आते हैं। इस कारण कई सालों से नौ तपा उतने नहीं तपे। वर्ष 2015 के बाद वर्ष 2018 और 2019 में तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचा था। इस साल मई में अब तक दो साइक्लोन आ चुके हैं। इस कारण इस बार नौ तपा में तापमान बढ़ेगा। पहले तीन दिन में ही तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। बताया जा रहा है पहले सिस्टम और फिर लोकल गतिविधियों से बारिश हो सकती है।


ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम ने बताया की इस बार नौतपा में ग्रह स्थिति के अनुसार बारिश के योग बनेंगे। नौतपा के समय सूर्य की सीधी लंबवत किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तीव्र ग्रीष्म कालांश 9 दिन का शुरू हो जाता है। परंतु इस बार ग्रह स्थिति एवं शनि की वक्र गति का प्रभाव नौतपा के प्रभाव को कमजोर करेगा। जिससे गर्माहट में कमी रहेगी और कई जगह बारिश और आंधी तूफान के योग की संभावना है। उन्होंने बताया कि नौतपा में जितनी ज्यादा गर्मी पड़ती है, बारिश का प्रभाव उतना ही अधिक उत्तम होता है। इन 9 दिनों में तपन काल इतना बढ़ जाता है कि समुद्र नदियों से जल तीव्रता के साथ अवशोषित होता है। यह समय वर्षा के गर्भ काल का समय होता है, इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में भ्रमणरत होकर बारिश के योग निर्मित करता है। यह तपन काल है 9 दिनों का होता है इस समय भारी लू का प्रकोप होता है जिससे जनमानस को सावधानी रखने की अपेक्षा होती है।
 
गौरतलब है कि अप्रैल और मई साइक्लोन सीजन होते हैं। हर महीने एक-दो साइक्लोन आते ही हैं। अरेबियन सी में कम बनते हैं, लेकिन इस बार यहां मजबूत साइक्लोन बन रहे हैं। इसके अलावा वे ऑफ बंगाल में भी साइक्लोन बन रहा है। दोनों सिस्टम पहले ही आ गए। इससे बारिश होने के कारण तापमान उतना नहीं बढ़ पाया। अब कोई साइक्लोन नहीं होने के कारण एक-दो दिन बाद तापमान बढ़ेगा। इस महीने 24 मई से तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी होगी।