MP की पूर्व नर्सिंग छात्रा बनी नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री, नर्सिंग प्रोफेशन के लिए ऐतिहासिक पल

नर्सिंग घोटाले के व्हिस्लब्लोअर रवि परमार ने निशा मेहता की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पहली बार किसी देश में नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़ी महिला को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जैसा अहम पद मिला है।

Updated: Mar 29, 2026, 05:26 PM IST

भोपाल। मध्य प्रदेश की एक पूर्व नर्सिंग छात्रा निशा मेहता ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। निशा को नेपाल की नए बालेन शाह सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किया गया है। निशा मेहता की यह उपलब्धि मध्य प्रदेश के नर्सिंग प्रोफेशन के लिए गौरवान्वित करने वाली है।

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष व नर्सिंग घोटाले के व्हिस्लब्लोअर रवि परमार ने निशा मेहता की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि पहली बार किसी देश में नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़ी महिला को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जैसा अहम पद मिला है। यह मध्यप्रदेश और नर्सिंग से जुड़े हर छात्र-छात्रा के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने बताया कि निशा मेहता ने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई AIIMS दिल्ली से वर्ष 2006 से 2010 के बीच पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर स्थित पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज ऑफ नर्सिंग से एमएससी नर्सिंग की डिग्री हासिल की। परमार ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि नर्सिंग प्रोफेशन सिर्फ सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति-निर्माण और नेतृत्व में भी इसकी बड़ी भूमिका हो सकती है। नेपाल सरकार का यह फैसला नर्सिंग समुदाय को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

परमार ने बताया कि मध्यप्रदेश के नर्सिंग विद्यार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही नेपाल जाकर निशा मेहता से सौजन्य भेंट करेगा और उन्हें मध्य प्रदेश आने का निमंत्रण भी देगा। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां अन्य देशों में नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़े लोगों को केंद्रीय स्तर तक जिम्मेदारी दी जा रही है, वहीं मध्य प्रदेश में नर्सिंग कैडर के अधिकारियों को उनकी योग्यता के अनुसार शीर्ष पदों पर अवसर नहीं मिल रहे हैं।

परमार ने मांग की कि राज्य सरकार नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़े अधिकारियों को प्रमुख पदों पर मौका दे, नर्सिंग कैडर को मजबूत करे और पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करे। परमार ने कहा कि निशा मेहता की यह उपलब्धि प्रदेश की नर्सिंग छात्राओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत है। इससे यह साबित होता है कि शिक्षा और समर्पण के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।