बिटिया होने की खुशी में गोलगप्पा फ्री, काउंटर पर टूट पड़े लोग, 5 घंटे में 50 हजार फुल्की खाए गए

भोपाल के कोलार रोड में पानी-पूरी बेचने वाले गुप्ता जी के घर हुई बिटिया, फ्री कर डाला काउंटर, लोगों ने जमकर उड़ाई पानी-पूरी की दावत, 5 घंटे में 50 हजार गोलगप्पे खा गए, वीडियो वायरल

Updated: Sep 13, 2021, 01:52 PM IST

बिटिया होने की खुशी में गोलगप्पा फ्री, काउंटर पर टूट पड़े लोग, 5 घंटे में 50 हजार फुल्की खाए गए

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पिता ने बेटी होने के जश्न में ऐसी दावत बंटी जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। यहां बेटी होने की खुशी में पानीपुरी बेचने वाले गुप्ताजी ने पानीपुरी फ्री कर दिया। फिर क्या था देखते ही देखते इस सार्वजनिक दावत में लोगों का हुजूम उमड़ गया और लोग महज पांच ही घंटे में पचास हजार पानीपुरी खा गए।

मामला भोपाल के कोलार रोड का है। जानकारी के मुताबिक रायसेन के देवरी के रहने वाले अंचल गुप्ता पिछले 14 साल से कोलार रोड में पानीपुरी बेचते हैं। बीते 17 अगस्त को अंचल गुप्ता की बिटिया हुई थी। बिटिया होने की खुशी में उन्होंने सार्वजनिक दावत देकर जश्न मनाने का सोचा था। चूंकि, कोलार इलाके में गुप्ताजी पानीपुरी के नाम से वे मशहूर हैं, इसलिए उन्होंने तय किया कि वे सभी को दावत में पानीपुरी ही खिलाएंगे। 

अंचल गुप्ता ने कल मुफ्त पानीपुरी का पोस्टर और टेंट लगाकर 10 काउंटर खोला था। रविवार होने की वजह से पानीपुरी खाने वालों की कतार लग गई। दोपहर एक बजे से अंचल और उनके साथी पानीपुरी खिलाने में जूट गए और शाम करीब 6 बजे तक यह सिलसिला चलता रहा। इस दौरान हजारों लोग उनके जश्न में शरीक होकर पानीपुरी खाए। अंचल के मुताबिक पांच घंटे में पचास हजार फुल्की की खपत हुई।

लोगों ने इस दौरान अंचल की खूब तारीफें की और उनकी बेटी को आशीर्वाद दिया। खास बात यह है कि अंचल ने अपनी बेटी का नाम अनोखी रखा है। अंचल बताते हैं कि इस आयोजन के माध्यम से वे समाज को यह संदेश देना चाहते थे कि बेटी से बड़ी खुशी जीवन में कुछ भी नहीं है। अंचल कहते हैं कि बेटी होने की खुशियां अपने ग्राहकों के साथ बांटने से उनकी खुशियां दुगनी हो गई है। 

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अंचल कहते हैं कि, 'बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं होता। मैने भगवान से बेटी मांगी थी और ऊपर वाले ने मेरी सुन ली। इसीलिए मैने ये आयोजन किया।' अंचल के मुताबिक बेटी होने पर कुछ लोगों ने उनसे कहा कि उनके सिर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। लेकिन मैं मानता हूं की बतौर पिता बेटी होने के बाद मेरा बोझ हल्का होगा। बच्ची का पिता बनकर मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं।'