पन्ना में नीलाम होंगे एक करोड़ से ज्यादा के हीरे, 139 हीरों की लगेगी बोली

21 सितंबर को होगी नीलामी की प्रक्रिया, पन्ना की विभिन्न खदानों से मिले 156.46 कैरेट के डायमंड होंगे नीलाम, बोली लगाने जुटेंगे देशभर के हीरा व्यापारी

Updated: Sep 12, 2021, 08:23 PM IST

पन्ना में नीलाम होंगे एक करोड़ से ज्यादा के हीरे, 139 हीरों की लगेगी बोली
Photo courtesy: Indian express

पन्ना। जिले में एक बार फिर करोडों रुपए के हीरों की नीलामी होने वाली है। 21 सितंबर को 1.06 करोड़ रुपये के 139 रफ डायमंड ऑक्शन में रखे जाएंगे। जिला हीरा अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार ये हीरे करीब 156.46 कैरट के हैं। इनमें 14.09 कैरट का एक खास हीरा आकर्षण का केंद्र रहेगा। जो कि यहां के मजदूर को इसी साल फरवरी में मिला था। किसी कारणवश वह हीरा पिछली नीलामी में नहीं बिक पाया था। उम्मीद की जा रही है कि इस हीरे की कीमत 70 लाख रुपये तक जा सकती है।

इस नीलामी में देश भर के कई जानेमाने हीरा व्यापारियों के शामिल होने की उम्मीद है। जिनमें गुजरात, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद के व्यापारी खास तौर पर मौजूद रहेंगे।

पन्ना में लोग सरकार से लीज पर जमीन लेकर वहां से हीरों की खुदाई करते हैं। अक्सर किसानों और मजदूरों को उनके खेतों से रफ डायमंड मिल जाते हैं। जिन्हें वे हीरा कार्यालय में जमा करवा देते हैं। इन हीरों की नीलामी सरकार द्वारा करवाई जाती है। फिर संबंधित व्यक्ति को टैक्स काटने के बाद उसकी रकम मिलती है। कई बार हीरा पाने वालों को कई महीनों का इंतजार भी करना पड़ता है।

पन्ना के जिन इलाकों में हीरा पाया जाता है, उसे डायमंड रिजर्व एरिया कहा जाता है। जिसे 200 रुपए का फार्म भरकर जरूरी कार्रवाई के बाद एक साल की लीज पर किसानों और मजदूरों को दिया जाता है।  हीरा मिलने पर ये हीरे जिला खनन अधिकारी के पास जमा किए जाते हैं, जिन्हें सरकारी प्रक्रिया के तहत नीलाम किया जाता है। लेकिन कई बार किसानों को लंबे समय बाद भी हीरा नहीं मिलता जिससे उनका धन और समय दोनों बरबाद हो जाता है। वहीं कई बार लोगों की किस्मत साथ दे देती है तो कम समय में ही अच्छा वजनदार हीरा मिल जाता है, जिसकी कीमत लाखों और करोड़ों में होती है।

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दरअसल पन्ना की जमीन में हीरे बहुतायात में पाए जाते हैं। मान्यता है कि करीब 400 साल पहले यहां के राजा छत्रसाल की सेवा से प्रसन्न होकर प्राणनाथ महाराज ने वरदान दिया था, कि तुम्हारे राज में  घोड़ा जहां-जहां पैर रखेगा, वहां की धरती हीरे जवाहरात उगलेगी। तब से वहां हीरे मिलने का सिलसिला जारी है।