खाट पर दम तोड़ता MP का भविष्य, बदहाल सड़क के कारण नहीं पहुंची एंबुलेंस, प्रसूता की हालत नाजुक

गांव तक सड़क नही होने के कारण परिजनों को गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर जननी एक्सप्रेस तक पैदल ले जाना पड़ा, जिसके कारण गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।

Updated: Jun 17, 2022, 05:17 PM IST

खाट पर दम तोड़ता MP का भविष्य, बदहाल सड़क के कारण नहीं पहुंची एंबुलेंस, प्रसूता की हालत नाजुक
Photo Courtesy: bhaskar

मंडला।  मध्य प्रदेश सरकार और सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान विकास के बड़े बड़े दावे करते हैं लेकिन आज भी मध्य प्रदेश के कई गांवों तक पहुंचने के लिए पक्की या कच्ची सड़क भी नही हैं। जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को आज भी खाट पर लेकर एंबुलेंस या कई बार अस्पताल तक ले जाना पड़ता है। बदहाल सडकों के कारण कई बार प्रसूता और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो जाती है। 

ऐसा ही एक मामला मंडला जिले से सामने आया है। मंडला जिले के गांव बेहरा टोला में सुनीया मरकाम गर्भवती थी, प्रसव पीड़ा को देखते हुए आशा कार्यकर्ता ने परिजनों को 108 नंबर पर फोन लगाकर जननी एक्सप्रेस को बुलाने को कहा। जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस तो समय पर पहुंच गई लेकिन घर तक नहीं पहुंची क्योंकि मुख्य मार्ग से गांव तक पक्की सड़क नही थी।

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जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस पहुंचने की सूचना देने ईएमटी राजेश पायलट, कोमल, योगेंद्र राजपूत सुनीया के घर पहुंचे। मजबूरन परिजनों ने गर्भवती सुनीया को खाट पर लेटाया और उठाकर 3 किलोमीटर पैदल एंबुलेंस तक लेकर पहुंचे। बाद में सुनिया को गंभीर हालत में जबलपुर रेफर किया गया। जहां गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई और प्रसूता की हालत नाजुक बनी हुई है। हाल ही में बड़वानी में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की जान ले ली थी। यहां भी गांव तक सड़क नही होने के कारण परिजनों को गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर तीन घंटे देर से पहुंची जननी एक्सप्रेस तक पैदल ले जाना पड़ा था। जिसके कारण महिला व उसके बच्चे की मौत हो गई थी। 

राज्य सरकार भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर बड़े बड़े आयोजनों में करोड़ों रुपए खर्च करती हैं लेकिन आज भी आदिवासी बहुल गांव में सामान्य जनसुविधाएं भी नही हैं। सरकार आदिवासियों के विकास को केवल तेंदूपत्ता की बढ़ी हुई कीमतों से आंकती है। प्रसूता को खाट पर ले जाती तस्वीरें और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत केवल एक खबर न होकर राज्य सरकार की असफलताओं की कहानी बयां करती है।