भोपाल: कोरोना की वैक्सीन लगाने के बाद होमगार्ड की मौत, परिजनों को हत्या की आशंका

आबकारी विभाग में होमगार्ड के पद पर पदस्थ पुष्पराज गौतम की लाश जयप्रकाश अस्पताल के बाथरूम में मिली, पुष्पराज ने हाल ही में कोरोना की वैक्सीन लगाई थी

Updated: Mar 24, 2021, 06:40 PM IST

भोपाल: कोरोना की वैक्सीन लगाने के बाद होमगार्ड की मौत, परिजनों को हत्या की आशंका
Photo Courtesy : Dainik Bhaskar

भोपाल। राजधानी भोपाल में कोरोना की वैक्सीन लगाने वाले एक होमगार्ड की रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई। होमगार्ड पुष्पराज गौतम की लाश जयप्रकाश अस्पताल के बाथरूम में मिली। रहस्यमयी मौत के बाद पुष्पराज गौतम के परिजनों ने आज कमला नगर थाने के बाहर जमकर हंगामा किया। पुलिस के अधिकारियों द्वारा समझाने बुझाने के बाद पुष्पराज के परिजन मान गए। और उन्होंने दिवंगत आत्मा के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया।  

दरअसल आबकारी विभाग में होमगार्ड के पद पर पदस्थ पुष्पराज सिंह ने हाल ही में कोरोना की वैक्सीन लगाई थी। वैक्सीन लगाने के दो दिन बाद ही पुष्पराज सिंह की तबीयत नासाज़ हो गई। तबीयत बिगड़ने के बाद पुष्पराज को शनिवार के दिन जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती किए जाने के अगले ही दिन से पुष्पराज के परिजनों का पुष्पराज से संपर्क टूट गया। इसके बाद परिजनों ने पुष्पराज की गुमशुगदी की रिपोर्ट हबीबगंज थाने में दर्ज करा दी।  

मंगलवार को पुष्पराज की लाश संदिग्ध हालत में अस्पताल के ही बाथरूम में मिली। पुष्पराज के शव को लेकर आज दिवंगत आत्मा के परिजन कमला नगर थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। परिजनों का कहना था कि पुष्पराज की हत्या की गई है। परिजनों ने कहा कि पुष्पराज के शरीर पर चोट के निशान हैं। इसलिए इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुष्पराज के परिजनों का ढाढ़स बढ़ाने के लिए कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा भी मौके पर मौजूद थे। परिवार मांग कर रहा था कि पुष्पराज की मृत्यु के बाद परिवार को 50 लाख रुपए का आर्थिक मुआवज़ा देने के साथ साथ पुष्पराज की पत्नी को नौकरी भी मुहैया कराई जाए। एसडीएम संजय श्रीवास्तव और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा काफी मान मनौव्वल किए जाने के बाद परिजन मान गए। और आखिरकार उन्होंने पुष्पराज की अंत्येष्टि कर दी।  

उधर कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने इस घटनाक्रम को लेकर अस्पताल प्रबंधन के ऊपर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस विधायक का कहना है कि यह बिलकुल अचरज भरी बात है कि अस्पताल प्रबंधन तीन चार मर्तबा मरीज़ की तलाश करता है लेकिन मरीज़ के न मिलने के बाद थाने में मरीज़ को भगोड़ा करार दे दिया जाता है। और अंत में मरीज़ का शव अस्पताल के ही बाथरूम में मिलता है। पीसी शर्मा ने कहा है कि इस घटना के पीछे साजिश की बू आ रही है। कांग्रेस नेता ने कोविड मरीज़ों के प्रति अस्पताल प्रबंधन के रवैये पर भी सवाल उठाया। पीसी शर्मा ने कहा कि अस्पताल में कोरोना के मरीज़ों की देखभाल नहीं की जाती।