निवेश, विश्वास से आता है, भाषण से नहीं: इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा

यह चुनौती हमारे संविधान और संस्कृति को बचाने की भी है। हमें तय करना होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों को कैसा भविष्य सौंपना चाहते हैं: कमलनाथ

Updated: Jan 12, 2023, 07:51 PM IST

निवेश, विश्वास से आता है, भाषण से नहीं: इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा

भोपाल। इंदौर में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। पीसीसी चीफ ने कहा कि सिर्फ भाषण करने से निवेश नहीं आता। निवेश विश्वास से आता है और यह विश्वास समिट करने और भाषण देने से नहीं आयेगा। इस दौरान उन्होंने लोगों से संविधान को बचाने के लिए आगे आने की अपील की।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि, 'हर चुनाव में अलग-अलग विषय आते हैं। परंतु आज जो चुनाव सामने होंगें वह हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है, ऐसी चुनौती आपके जीवन में कभी नहीं आई होगी, यह चुनौती हमारे संविधान और संस्कृति को बचाने की भी है। हमें तय करना होगा कि हम आने वाली पीढ़ियों को कैसा भविष्य सौंपना चाहते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि हम संविधान और संस्कृति के रक्षक बने। बाबा साहब का बनाया हुआ संविधान गलत हाथों में चला जाएगा तो उसका क्या परिणाम होगा? संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद किया जा रहा है यह चिंता का विषय है।'

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पीसीसी चीफ ने आगे कहा कि, 'हमारे देश में कितनी अनेकता और कितनी विभिन्नताएं है। विश्व में ऐसा कोई ऐसा देश नहीं जहां पर इतने धर्म हो, इतनी जातियां, इतनी भाषाएं हों, इतने  देवी-देवता हों इतने  त्यौहार हों। भारत की संस्कृति जोड़ने की संस्कृति है, हम दिल जोड़ते हैं, संबंध जोड़ते है और इसी संस्कृति के कारण हम एक साथ खड़े होकर देश के झंडे को सलाम करते हैं। वर्तमान सरकारों द्वारा समाज में बिखराव किया जा रहा है, भाषा का विरोध किया जा रहा है, धर्म को बांटा जा रहा है, खालिस्तान के नारे लगाए जा रहे है। आज जो तस्वीर हमारे सामने हैं, उसे बदलने के लिए हमें हमारी संस्कृति और संविधान का रक्षक बनना होगा। भारतीय जनता पार्टी की राजनीति गुमराह करने ओर ध्यान मोड़ने की है। किस तरह 2014 और 2019 में मोदी जी रोजगार और किसानों की बात करते थे आज वे न रोजगार और न किसान की बात करते हैं। वे तो लोगों का ध्यान मोड़ने और भ्रमित करने के लिए राष्ट्रवाद और खालिस्तान, की बात करने लग जाते हैं।'

कमलनाथ ने आगे कहा, 'मोदी जी बताएं वे कैसा आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं? क्या यही आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं कि युवाओं के पास रोजगार नहीं, व्यवसाय नहीं, महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है, किसान परेशान है।' उन्होंने राज्य की शिवराज सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाषण ने निवेश नहीं आता, निवेश विश्वास से आता है। यह विश्वास समिट करने और भाषण देने से नहीं आयेगा। 
 आज का नौजवान रोजगार-व्यवसाय का मौका चाहता है। यदि नौजवानों का भविष्य अंधेरे में है, तो वह भविष्य का निर्माण कैसे करेगा।'