खाद क़िल्लत पर सिंधिया और केपी यादव आमने सामने, सिंधिया ने कहा खूब भेजा खाद तो यादव ने संसद में उठाया मुद्दा

सिंधिया ने शनिवार को गुना में यह दावा किया मध्य प्रदेश में वे खाद की रैक पर रैक भिजवा रहे हैं, जबकि उन्हें लोकसभा चुनाव हराने वाले नेता केपी यादव ने सदन में मध्य प्रदेश में हो रही खाद की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए चिंता जतायी है

Updated: Dec 07, 2021, 03:57 PM IST

खाद क़िल्लत पर सिंधिया और केपी यादव आमने सामने, सिंधिया ने कहा खूब भेजा खाद तो यादव ने संसद में उठाया मुद्दा
Photo Courtesy: Patrika

भोपाल/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में खाद के लिए दर दर की ठोकरें खाने पर मजबूर किसानों की समस्या को लेकर अलग अलग दावे किए जा रहे हैं। किसानों की इस समस्या को लेकर अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उन्हें लोकसभा चुनाव हराने वाले भाजपा नेता केपी यादव आमने सामने आ गए हैं। सिंधिया के दावे के मुताबिक मध्य प्रदेश में वे खाद की रैक की रैक भिजवा रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ आज लोकसभा में केपी यादव ने खाद का मुद्दा उठाकर सिंधिया के इस दावे की पोल खोल दी। 

भाजपा सांसद केपी यादव ने सोमवार को संसद के निचले सदन में यह मुद्दा उठाया कि मध्य प्रदेश में किसान खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। बीजेपी नेता के कहा कि उनके क्षेत्र के किसान खाद की समस्या से जूझ रहे हैं। जबकि केंद्र सरकार के पास उर्वरक की कोई कमी नहीं है। बीजेपी सांसद ने कहा कि बारिश के चलते रबी फसल का क्षेत्रफल बढ़ने के कारण किसानों के पास पर्याप्त खाद नहीं है। 

केपी यादव ने यह मुद्दा ऐसे समय में उठाया जब शनिवार को ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुना में यह दावा किया कि वे मध्य प्रदेश में खाद की रैक की रैक भिजवा रहे हैं। सिंधिया ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पहले राज्य में डीएपी की कमी थी, जिसे खाद्य मंत्री के साथ मिलकर उन्होंने एक जिले जिले में खाद पहुंचाया। अब यूरिया की कमी को देखते हुए वे एमपी में यूरिया की रैक की रैक भिजवा रहे हैं। सिंधिया के कहा कि आप लोग चिंता मत करो, यूरिया की कोई कमी नहीं आएगी। 

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मध्य प्रदेश में जगह जगह किसान खाद की किल्लत से जूझते हुए दिखाई दे रहे हैं। किसानों का परिवार भी सुबह से शाम तक खाद के लिए लाइन में लगा रहता है, लेकिन रोजाना उन्हें खाली हाथ लौटता देखा जा रहा है। खाद की किल्लत होने के कारण किसान अपने विरोध दर्ज कराने के लिए प्रदर्शन करते भी दिखाई दे रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार खाद की किल्लत के दावों से इनकार कर रही है।