वैक्सीन लगवा चुके लोगों को ही विधान सभा सत्र में मिलेगी एंट्री, अगस्त के तीसरे सप्ताह में मानसून सत्र की उम्मीद

विधानसभा का मानसून सत्र एक महीने टला, जुलाई में होना था सत्र, अब 15 अगस्त के बाद होने की संभावना, जल्द होगी तारीखों की घोषणा

Updated: Jul 09, 2021, 04:56 AM IST

वैक्सीन लगवा चुके लोगों को ही विधान सभा सत्र में मिलेगी एंट्री, अगस्त के तीसरे सप्ताह में मानसून सत्र की उम्मीद
Photo Courtesy: mp vidhansabha.in

भोपाल। कोरोना की मार झेल रहे प्रदेश में पिछले डेढ़ साल में विधानसभा का कोई भी सत्र पूरी अवधी तक नहीं चला है। इस बार कोरोना की स्थिति पर काबू आने पर मानसून सत्र बुलाए जाने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने अगस्त में विधानसभा का मानसून सत्र आयोजित होने के संकेत दिए हैं। पहले विधानसभा का मानसून सत्र जुलाई में होने वाला था लेकिन अब यह अगस्त में स्वतंत्रता दिवस के बाद आयोजित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

अध्यक्ष गौतम ने बताया कि मानसून सत्र छोटा रहेगा। एक-दो दिन में सीएम से चर्चा के बाद मानसून सत्र की तारीखें तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान विधानसभा में उन्हीं लोगों को एंट्री मिलेगी, जिन्होंने कोरोना का टीका लगवा लिया है। बिना टीका लगे लोगों के लिए विधानसभा में ही वैक्सीनेशन का इंतजाम किया जाएगा।

और पढ़ें: नियम तोड़ो या कानून तोड़ो, लेकिन सड़क बनाकर दो, पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के बिगड़े बोल

विधानसभा सत्र के एक महीने पहले इसकी अधिसूचना जारी होती है, लेकिन अभी तक संसदीय कार्य विभाग के पास प्रदेश सरकार की ओर से कोई सूचना नहीं है। कोरोना की स्थिति के मद्देनजर मानसून सत्र 5-7 दिन का होने की उम्मीद है। दरअसल विधानसभा के दो सेशन के बीच 6 महीने से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए।

साल 2020 का मानसून सत्र मजह 90 मिनट तक चला था जिसे प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे छोटी अवधी का विधानसभा सत्र माना जा रहा है।

कोरोना महामारी की वजह से प्रदेश का बजट सत्र भी तय समय से पहले ही समाप्त हो गया था। 2020 में मानसून और शीतकालीन सत्र भी मजह खाना पूर्ति के लिए हुए थे। दरअसल सितंबर 2020 में सदन की बैठक हुई थी। वहीं साल 2021 का बजट सत्र 22 फरवरी से 26 मार्च तक था, लेकिन बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से खत्म हो गया था। अब अगस्त में इस सत्र बुलाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।