छतरपुर में स्वास्थ्य विभाग का कारनामा, बिना जांच बुजुर्ग महिला को बताया संक्रमित, घर को किया सीज

छतरपुर जिले की गौरी हार में रहने वाली 60 वर्षीय बुजुर्ग रामप्यारी पटेल को कोरोना संक्रमित बता कर स्वास्थ्य विभाग ने उनके घर को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया

Updated: Jan 12, 2022, 04:49 PM IST

छतरपुर में स्वास्थ्य विभाग का कारनामा, बिना जांच बुजुर्ग महिला को बताया संक्रमित, घर को किया सीज
Photo Courtesy: Hindustan

छतरपुर। मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच अब स्वास्थ्य विभाग के अजीबो गरीब कारनामे भी सामने आने लगे हैं। छतरपुर में स्वास्थ्य अमले ने एक बुजुर्ग महिला को बिना कोई जांच किए ही कोरोना संक्रमित बता दिया। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग के लोग आए और बुजुर्ग के कच्चे मकान को कंटेन्मेंट जोन भी घोषित कर दिया। मामला सामने आने के विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है। 

जानकारी के मुताबिक रामप्यारी पटेल छतरपुर के गौरीहार में एक कच्चे मकान में रहती हैं। बीते हफ्ते बुजुर्ग महिला जब वह सो कर उठीं तो उन्होंने देखा कि घर के बाहर और आसपास में कुछ पोस्टर लगे हुए थे। उन्होंने महसूस किया पड़ोसियों ने उनसे बात करना और उनके पास आना बंद कर दिया है। बाद में उन्हें पता चला कि वह कोई गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं जिसे कोरोना कहते हैं।

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रामप्यारी इस बात को लेकर हैरत में थी कि जब पिछले 5 महीनों से वे अस्पताल भी नहीं गई हैं तो फिर बीमारी की बात कैसे सामने आई। साथ ही यह कौन सी बीमारी है जिसका उन्हें कोई आभास नहीं है लेकिन बिना डॉक्टर को दिखाए पड़ोसियों को इस बारे में पता है। महिला के मुताबिक करीब 5 महीने पहले आंखों के चश्मे के लिए वह अस्पताल जरूर गई थी। उन्हें कानों से कम सुनाई देता है और आंखों में तकलीफ है। इसके अलावा उन्हें कोई बीमारी नहीं है। 

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने आकर महिला को कहा कि आप अपने कमरे से बाहर नहीं‎ आएंगी। न बेटे, बहू से न ही नाती‎-पोतों के संपर्क में आएंगी। सरकारी रेकॉर्ड के मुताबिक रामप्यारी पटेल 5 तारीख को गौरिहार स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं और उनका कोविड-19 टेस्ट किया गया था। इस कथित जांच में कोरोना संक्रमित पाई गईं, जिसके बाद उनके घर को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया।

महिला के परिजनों ने इस बात की जानकारी जब स्थानीय मीडियाकर्मियों को दी तब मामला तूल पकड़ा। मामले को लेकर गौरिहार BMO डॉ. एस प्रजापति ने माना है कि यह बहुत बड़ी गलती है। उन्होंने आशंका जताई है कि संबंधित कर्मचारी टारगेट पूरा करने के लिए ऐसा कर सकते हैं।