MBBS के छात्रों को पशु चिकित्सक मोहन भागवत के बारे में भी पढ़ाए शिवराज सरकार, विवादित फैसले पर कांग्रेस का तंज

शिवराज सरकार ने एमबीबीएस के छात्रों को आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और जनसंघ के नेता दीनदयाल उपाध्याय के बारे में पढ़ाने का फैसला किया है, मेडिकल के छात्रों को इन विचारकों के बारे में पढ़ाए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं

Publish: Sep 05, 2021, 10:57 AM IST

MBBS के छात्रों को पशु चिकित्सक मोहन भागवत के बारे में भी पढ़ाए शिवराज सरकार, विवादित फैसले पर कांग्रेस का तंज

भोपाल। शिवराज सरकार ने मेडिकल के छात्रों को आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और दीन दयाल उपाध्याय के बारे में पढ़ाए जाने का फैसला किया है। शिवराज सरकार के इस फैसले पर विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने शिवराज सरकार के विवादित फैसले पर तंज कसते हुए कहा है कि पशु चिकित्सक मोहन भागवत को भी इस पाठ्यक्रम में शामिल कर लेना चाहिए। 

कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने शिवराज सरकार के फैसले पर तंज कसते हुए कहा है कि वाह फुरसती एमपी सरकार MBBS के छात्र अब पढ़ेंगे RSS के संस्थापक डॉ. हेडगेवार व दीनदयाल उपाध्याय को भी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग जी, इसमें पशु चिकित्सक डॉ. मोहन भागवत व विचारक स्व.कैलाश सारंग जी को भी सम्मिलित कर लीजिये ताकि इंसानों का इलाज बेहतर अच्छा हो सके? 

मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने इस सत्र से मेडिकल के छात्रों को आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और दीनदयाल उपाध्याय के बारे में पढ़ाने का निर्णय किया है। हालांकि इन दोनों विचारकों के अलावा स्वामी विवेकानंद, भीमराव अंबेडकर, महर्षि चरक और आचार्य सुश्रुत को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। 

लेकिन आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय को पाठ्यक्रम में शामिल करने से विवाद बढ़ गया है। शिवराज सरकार पर आरोप लग रहा है कि वो छात्रों पर अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रही है। 

एमबीबीएस के कोर्स में इन विचारकों के बारे में लेक्चर दिए जाएंगे। इन्हें मेडिकल एथिक्स के टॉपिक का हिस्सा बनाया गया है। एमबीबीएस का कोर्स नेशनल मेडिकल काउंसिल निर्धारित करती है। लेकिन उस टॉपिक में क्या लेक्चर होंगे, यह तय करने की छूट राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग को होती है। उसी छूट के आधार पर मध्य प्रदेश शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार और दीनदयाल उपाध्याय के बारे में पढ़ाने का निर्णय लिया है।