MP: हरदा में किसानों का घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन, 43 डिग्री तापमान में जुटे हजारों किसान

किसान नेता नानकराम बेनीवाल और राजेंद्र पटेल ने कहा किसानों ने अपनी ट्रॉलियों को तंबू में बदल लिया है। वे बिस्तर भी साथ लाए हैं। अगर प्रशासन हमारी मांगों के आगे नहीं झुका, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन भी हो सकता है।

Updated: Apr 28, 2026, 04:15 PM IST

हरदा। मध्य प्रदेश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। राज्य में कई जगहों पर तापमान 45 डिग्री को पार कर चुका है। इस भीषण गर्मी में भी समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग और मक्का की खरीदी करने सहित अन्य मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान ट्रैक्टर लेकर हरदा पहुंचे हैं। किसानों ने इंदौर रोड हनुमान मंदिर खंडवा बाईपास चौराहे पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 

हरदा में मंगलवार का तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया। इस भीषण गर्मी में भी खुले में किसानों का 16 सूत्रीय मांगों को लेकर 'घेरा डालो डेरा डालो किसान क्रांति आंदोलन' जारी है। गेहूं और मूंग की खरीदी में आ रही समस्याओं को लेकर हरदा, देवास, नर्मदापुरम और खंडवा जिले के किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के साथ कृषि मंडी में जमा हुए हैं।

हालात को देखते हुए कलेक्ट्रेट-मंडी क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने 5 बटालियनों के 1100 जवान तैनात किए गए हैं। आंदोलन को लेकर किसान नेता सुनील गोल्या ने बताया कि किसान अपनी ट्रॉलियों में घर से आटा, दाल और अन्य खाद्य सामग्री लेकर आए हैं। वे मंडी समेत अन्य स्थानों पर दाल-बाटी बनाकर खाएंगे।

वहीं, किसान नेता नानकराम बेनीवाल और राजेंद्र पटेल ने कहा किसानों ने अपनी ट्रॉलियों को तंबू में बदल लिया है। वे बिस्तर भी साथ लाए हैं। अगर प्रशासन हमारी मांगों के आगे नहीं झुका, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन भी हो सकता है। 

कृषि उपज मंडी में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान एसडीएम अशोक डेहरिया किसानों से चर्चा के लिए पहुंचे थे। लेकिन किसानों ने कहा कि वे अपनी सभी मांगों को लेकर नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर को ज्ञापन सौंपेंगे। जबकि एसडीएम ने कहा कि कलेक्टर चर्चा के लिए तैयार है। इसके बाद किसानों ने ज्ञापन सौंपने से मना कर दिया।

किसानों की प्रमुख मांगें:-

1. गेहूं उपार्जनः स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी समस्याओं का तुरंत समाधान हो।

2. चना खरीदीः तुलाई में 'थंब' की अनिवार्यता खत्म कर 'OTP' से बिल बनाए जाएं।

3. ऋण राहतः अल्पकालीन कृषि ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ाई जाए।

4. बीमा राशिः खरीफ 2025 और रबी 2025-26 की बीमा राशि तत्काल किसानों के खातों में डाली जाए।

5. मंडी में लूट बंद होः हरदा मंडी में कम भाव देने वाले व्यापारियों के लाइसेंस निलंबित किए जाएं।

6. सिंचाई परियोजनाः 'गंजाल मोरन परियोजना' का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए।

7. हर खेत को पानीः वंचित गांवों को 'शहीद ईलापसिंह चौहान' या 'गंजाल मोरन' परियोजना से जोड़ा जाए।

8. बिजली आपूर्तिः मेंटेनेंस के नाम पर अघोषित कटौती बंद हो और किसानों को 14 घंटे निर्बाध बिजली मिले।

9. सहायक आयुक्त सहकारिता वासुदेव भदौरिया को तुरंत पद से हटाया जाए।

10. केस वापसीः नरवाई जलाने के नाम पर किसानों पर लगाए गए जुर्माने और केस वापस लिए।

11. मूंग मक्काः मूंग खरीदी की तारीख तय कर पंजीयन शुरू हो और मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ की जाए।

12. खाद की उपलब्धताः आगामी सीजन के लिए उर्वरक का पर्याप्त मात्रा में वितरित हो।