MP: शामगढ़-सुवासरा सिंचाई परियोजना में लीकेज, भ्रष्टाचार के सैलाब में बह गई किसानों की मेहनत

शामगढ़ की नई कृषि उपज मंडी में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की पाइपलाइन फुट गई, अचानक मंडी में पानी लीकेज के कारण किसानों की आठ लाख रुपए की प्याज बह गई।

Updated: Nov 22, 2024, 11:39 AM IST

मंदसौर। मध्य प्रदेश में निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की फेहरिस्त बेहद लंबी है। इसी कड़ी में सुवासरा-शामगढ़ माइक्रो सिंचाई योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। दो हफ्ते पहले लोकार्पण होने वाले इस सिंचाई परियोजना में लीकेज हो गई। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा है।

शामगढ़ की नई कृषि उपज मंडी इन दिनों अव्यवस्था को लेकर चर्चा में है। बची कसर मंडी में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की पाइपलाइन ने फूट कर कर दी। मंगलवार दोपहर शामगढ़ मंडी में अचानक एक सैलाब आया और किसानों की फसलों को बर्बाद करते हुए अपने साथ बहा कर ले गया।

दरअसल, ये भ्रष्टाचार के पाइप फूटने से आया सैलाब था, जो कृषि उपज मंडी के अंदर फूटा और किसानों की फसलों को अपने साथ बहा ले गया। किसान इस सैलाब के आगे अपनी फसल को बचाने में लाचार और बेबस थे, उनकी आंखों में मायूसी थी।

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सिंचाई परियोजना में हुई इस लीकेज से किसानों का करीब 8 लाख रुपए का प्याज बह गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक लीकेज से रोज कहीं ना कहीं किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। योजना को लेकर भाजपा के जनप्रतिनिधि ही सवाल उठा रहे हैं, मगर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

बता दें कि इन दिनों सुवासरा विधानसभा में हर रोज सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से जुड़े वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जो इसमें हुए भ्रष्टाचार को दर्शा रहे हैं। लेकिन कोई भी किसानों की सुध लेने को तैयार नहीं है।

मंदसौर जिले में चंबल नदी से किसानों को सिंचाई के लिए जल देने के लिए बनाई गई इस परियोजना में 1660 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। लेकिन यह महत्वाकांक्षी योजना भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गई। इस योजना में शामगढ सुवासरा के 260 गांवों के किसानों को लाभ देने का वादा था। 

दो हफ्ते पहले ही इसका लोकार्पण किया गया है। लोकार्पण के दौरान स्थानीय विधायक हरदीप सिंह डंग ने कहा था कि आज भांगड़ा करने का मन कर रहा है। किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने का जो सपना देखा था, आज वो साकार हो गया है। हालांकि, यह परियोजना किसानों को फायदा की बजाए नुकसान पहुंचा रही है।