मन की बात के लिए MPYC चीफ ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, इन चार बिंदुओं को संवाद में शामिल करने की मांग की

मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि अपने आगामी मन की बात कार्यक्रम में व्यापमं पेपर लीक कांड पर भी चर्चा करें

Updated: Apr 03, 2022, 03:58 PM IST

मन की बात के लिए MPYC चीफ ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, इन चार बिंदुओं को संवाद में शामिल करने की मांग की

भोपाल। परीक्षाओं में धांधली के मुद्दे पर मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार चौतरफा घिरी हुई है। इसी बीच एमपी यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। भूरिया ने पीएम मोदी को परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों से अवगत कराते हुए मांग की है कि आगामी मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में इन मुद्दों पर भी संवाद करें।

प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में भूरिया ने लिखा है कि, 'परम सम्माननीय, बड़े ही आदर और सम्मान के साथ MPYC की ओर से मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूं। जैसा कि हमें विदित है, आपको जैसे ही समय मिलता है, आप देश की मीडिया के माध्यम से लोगों से अपने मन की बात और संवाद करते हैं। आपके संवाद के उपरांत कहीं न कहीं हमें चिंता और पीड़ा भी होती है। मेरा मन भी कचोटता है, आज हमारे मन में कुछ सवाल उत्पन्न हो रहे हैं जो मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस आपसे करना चाहती है। यह सीधे-सीधे प्रदेश के पढ़े-लिखे लाखों युवाओं से जुड़े हैं। हम आगामी मन की बात कार्यक्रम में अनुरोधपूर्वक इन्हें शामिल करवाना चाहते हैं।' 

युवा कांग्रेस नेता ने इस पत्र में मुख्यरूप से चार बिंदुओं का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा कि, 'यहां आए दिन परीक्षाओं में घोटाले व फर्जीवाड़े सामने आ रहे हैं जिसमें कि करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। पुलिस आरक्षक फर्जीवाड़ा, कृषि विस्तारक परीक्षा में फर्जीवाड़ा, परीक्षा पत्र का परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व ही लीक हो जाना। उक्त परीक्षाओं में भाजपा का समर्थन करने वाले बड़े लोगों के नाम हैं जिस पर मध्यप्रदेश में आपकी ही की पार्टी की सरकार मौन है, इस पर जरूर चर्चा करें।'

भूरिया ने पीएम मोदी को शिक्षक वर्ग 3 घोटाले से अवगत कराते हुए लिखा कि, 'प्रदेश में शिक्षक वर्ग-3 की परीक्षा में महाघोटाला उजागर हुआ है, जिसका खामियाजा प्रदेश का पढ़ा-लिखा शिक्षित युवा ही उठाएगा। इसमें प्रदेश के केबिनेट मंत्री श्री गोविन्द राजपूत एवं सीएम शिवराज के OSD लक्ष्मणसिंह मरकाम की भूमिका अत्यंत ही संदिग्ध पाई गई है। मालुम होता है कि यह शिक्षक वर्ग-3 की परीक्षा का घोटाला मुख्यमंत्री जी के इशारे पर ही हुआ है, जो प्रदेश के 13 लाख युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।'

भूरिया ने आगे लिखा कि, 'आज शिक्षित युवा रोजगार से वंचित है। मध्य प्रदेश में 35 लाख शिक्षित नौजवान सरकारी पोर्टल पर पंजीकृत हैं। BJP सरकार इन्हें रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम है। वर्ष 2018 में यहां हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है, जिनका चयन भी हो चुके हैं, जिनका प्रमाणीकरण भी हो चुका है। लेकिन सरकार उन्हें ज्वानिंग नहीं दे रही है। जिनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनके समक्ष आर्थिक समस्या खड़ी हो गई है।' उन्होंने समस्त बिंदुओं को मन की बात कार्यक्रम में शामिल करने की मांग की है।